पाली

550 वर्ष पहले गायों की रक्षार्थ शहीद हुए थे चांपाजी

मणिहारी में आज मनेगी जयंती
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Feb 08, 2019
Martyrs were champs
550 वर्ष पहले गायों की रक्षार्थ शहीद हुए थे चांपाजी

पाली। करीब साढ़े पांच सौ साल पूर्व गायों की रक्षा करते हुए शहीद हुए वीर शिरोमणी राव चांपाजी राठौड़ की शुक्रवार को मणिहारी गांव में जयंती मनाई जाएगी। इस दौरान चांपाजी की छतरी पर पूजा अर्चना की जाएगी और प्रसादी का आयोजन होगा। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में चांपाजी के वंशज और गोभक्त एकत्रित होंगे।
गोपालसिंह मणिहारी ने बताया कि गांव में चांपाजी की छतरी पर पूजा अर्चना के बाद प्रसादी का वितरण होगा। जयंती की पूर्व संध्या में भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें गायकों ने चांपाजी की महिमा सुनाई। इस दौरान इन्द्रसिंह मणिहारी, जयसिंह, विजेन्द्रसिंह, गोपालसिंह व शंभूसिंह समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।
गायों की रक्षा के लिए हुए थे शहीद
राव चांपाजी का जन्म विक्रम सम्वत १४६९ में माघ शुक्ला तृतीया को हुआ था। गायों की रक्षा करते हुए विक्रम सम्वत १५३६ को वे मणिहारी में शहीद हो गए। लुटेरे जोधपुर जिले के कापरड़ा गांव से गायों लूटकर ले जा रहे थे। पाली शहर से भी उन्होंने गायें लूट ली। चांपाजी को यह बर्दाश्त नहीं हुआ और कापरड़ा से लूटेरों का पीछा किया। मणिहारी के निकट चांपाजी ने लूटेरों से युद्ध किया और गायों को छुड़ा लिया। यहीं पर वे शहीद हो गए। चांपाजी की याद में मणिहारी गांव में छतरी बनी हुई है।

आज न्यायालय प्रक्रिया का बहिष्कार करेंगे
पाली। राजस्थान उच्च न्यायिक सेवा सीधी भर्ती परीक्षा में अधिवक्ताओं के कोटे में यथोचित प्रतिनिधित्व नहीं देने समेत कई मुद्दों को लेकर शुक्रवार को अधिवक्ता विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान वे न्यायालय में उपस्थिति नहीं देंगे। बार एसोसिएशन अध्यक्ष नन्दकिशोर बंसल की अगुवाई में अधिवक्ताओं का न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा। यह जानकारी वकील मण्डल के सचिव दुष्यन्त व्यास ने दी। उन्होंने बताया कि न्यायालयों में अधिवक्ता न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े कार्यों का बहिष्कार करेंगे।

Updated on:
08 Feb 2019 05:06 pm
Published on:
08 Feb 2019 05:06 pm