
पाली। जिले में प्रारंभिक शिक्षा विभाग के ढांचे में सुधार की जरूरत है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अधीन संचालित 19 स्कूलें भवनविहीन चल रही है। इतना ही नहीं, तीन स्कूलों के लिए तो जमीन भी उपलब्ध नहीं है। कई स्कूलों में छात्रों के अनुपात के मुकाबले शिक्षकों की संख्या बेहद कम है। ऐसे में शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होना लाजमी है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पाली आगमन से विद्यार्थियों को छत नसीब होने की उम्मीद जगी है।
जिले में ये पद खाली
माध्यमिक शिक्षा
प्रिंसीपल -06
प्रधानाध्यापक -29
व्याख्याता -203
शिक्षक सैकण्ड ग्रेड -549
शिक्षक तृतीय श्रेणी लेवल 1- 556
शिक्षक द्वितीय श्रेणी लेवल 2- 77
प्रारंभिक शिक्षा
शिक्षकए सैकण्ड ग्रेड -178
शिक्षकए थर्ड ग्रेड लेवल 2- 505
शिक्षकए थर्ड ग्रेड लेवल 1- 329
शारीरिक शिक्षक ग्रेड थर्ड - 159
देवभाषा पर सरकार की नहीं नजरें इनायत, गिने-चुने ही शिक्षक
-जोधपुर संभाग में हैं 200 से अधिक संस्कृत विद्यालय संभाग के 277 विद्यालयों में 1488 में से 589 पद पर ही शिक्षक कार्यरत
खिंवाड़ा। आदर्शों के धरातल पर संस्कृत को देवभाषा कहा जाता है। लेकिन, हकीकत के धरातल पर इसकी पूजा करने वाले गिने-चुने रह गए हैं। यहां तक कि सरकार ने भी देवभाषा को शायद भगवान के भरोसे छोड़ दिया है। देववाणी, वेदवाणी आदि उपमाओं से अंलकृत राष्ट्र की राष्टृीय भाषा हिन्दी व जननी भाषा संस्कृत की तस्वीर जोधपुर संभाग के संस्कृत विद्यालयों में स्पष्ट देखी जा सकती है।
जोधपुर संभाग के पाली, जालोर,ए सिरोही, बाड़मेर, जैसलमेर व जोधपुर जिलों के संस्कृत विद्यालयों में एक भी ऐसा विद्यालय नहीं है, जहां शिक्षकों का टोटा नहीं हो। कहीं एक तो कहीं दो शिक्षकों के भरोसे संस्कृत विद्यालय चल रहे है। जोधपुर संभाग के इन छह जिलों में संस्कृत शिक्षा के लिए वरिष्ठ उपाध्याय स्तर के 23, प्रवेशिका माध्यमिक के 16, उच्च प्राथमिक के 151, प्राथमिक के 43 विद्यालय है। आंकड़ों की दृष्टि से स्कूल की संख्या तो कम है ही, शिक्षक भी कम है।
हालात खोल रहे पोल
संभाग के छह जिलों में 277 विद्यालय है। इनमें 1488 पद स्वीकृत है। 277 विद्यालयों में महज 589 शिक्षक कार्यरत है। 899 पद रिक्त है। प्रधानाचार्य के 16 पदों के मुकाबले 7, प्रधानाध्यापक 29 के मुकाबले 6, प्राध्यापक प्रथम श्रेणी 82 के मुकाबले 15, वरिष्ठ अध्यापक 386 के मुकाबले 83 व तृतीय श्रेणी के 975 के मुकाबले 478 शिक्षक ही कार्यरत है। इन संस्कृत विद्यालयों में 14787 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत है।
रिक्त पद की सूचना दी
-शिक्षकों की भर्ती का काम संस्कृत निदेशालय जयपुर करता है। निदेशालय व राज्य सरकार को संभाग में रिक्त पदों की सूची दे दी है। -महेन्द्र कुमार गोयल, उपनिरीक्षक, संभागीय संस्कृत कार्यालय-जोधपुर