
निमाज/पाली। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की सं या में बढ़ोतरी, निजी विद्यालयों के स्तर तक लाने आदि के लिए विभाग द्वारा हर संभव प्रयास किया जा रहा है। विभाग द्वारा आदर्श एवं उत्कृष्ट स्कूलों को शिक्षा के क्षेत्र में अलग पहचान देने की मशक्कत शुरू कर दी है। अब सरकारी विद्यालयों का भी अपना लोगो नजर आने लगा है। इससे विद्यालय की अलग ही पहचान नजर आने लगी है। शिक्षा विभाग की ओर से उत्कृष्ट एवं आदर्श स्कूलों के मुख्य द्वार पर लोगों लगवाए गए हैं।
हालांकि राज्य में अन्य
स्कूलों की तर्ज पर यूनिफर्म, टाई व बेल्ट लगाने की भी कवायद शुरू की है। लोगों के बिना विद्यालय की पहचान संभव नहीं थी। आदर्श व उत्कृष्ट विद्यालयों की पहचान की समस्या को देखते हुए मुख्यालय ने ये लोगो जारी किया है। इसके बाद अब उत्कृष्ट विद्यालयों सहित अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों की पहचान आसानी से हो सकेगी। राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले आदर्श एवं उत्कृष्ट विद्यालय के मुख्य द्वार पर उक्त योजना के लिए लोगो लगाने हैं। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने पूर्व में ही सभी को इसे लगाने के निर्देश दिए थे।
भामाशाह भी करते हैं मदद
प्राथमिक व उच्च प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक विद्यालयों में समय-समय पर भामाशाह भी मदद करते हैं। भामाशाह विद्यार्थियों को पाठ्य सामग्री का वितरण, यूनिफर्म आदि वितरित करते हैं। लोगो जारी होने से भामाशाहों को भी विद्यार्थियों को पाठ्य सामग्री आदि वितरण करने में परेशानी नहीं होगी।
अन्य विद्यालयों के लिए अनुकरणीय
उप निदेशक माध्यमिक शिक्षा पदमा सक्सेना ने भी पिछले दिनों कस्बे के भगवान महावीर व सेठ मेघराज ठोलिया राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय के निरीक्षण के समय विद्यालय पर लोगो को अन्य विद्यालयों के लिए अनुकरणीय बताया। लोगो विद्यालय को अलग पहचान दिलाता हैं।
विद्यालय को अलग पहचान मिलेगी
विभाग की ओर से लोगो जारी करने के आदेश आए थे। ग्राम पंचायत मु यालय पर आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय व उत्कृष्ट उच्च प्राथमिक विद्यालय पर लोगो लगाना है। लोगो लगने के बाद विद्यालयों को निजी की तर्ज पर अलग पहचान मिल सकेगी। -राजेन्द्र परिहार, पीइइओ, निमाज