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पाली जेल में बंदियों को रखने की जगह नहीं

पाली उप कारागृह के हाल इन दिनों बुरे है। जेल में बंदियों के रखने की जगह तक नहीं है। पहले से जेल में क्षमता से अधिक बंदी बंद है।
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Jul 08, 2018
craim news
पाली जेल में बंदियों को रखने की जगह नहीं

पाली . पाली उप कारागृह के हाल इन दिनों बुरे है। जेल में बंदियों के रखने की जगह तक नहीं है। पहले से जेल में क्षमता से अधिक बंदी बंद है। ऐसे में अब बंदियों को रखना जेल प्रशासन के लिए सिरदर्द जैसा हो गया है। जेल प्रशासन ने हालात मुख्यालय को बताए हैं। अब तीस से चालीस बंदियों को जोधपुर सेंट्रल जेल भेजा जा सकता है।

क्षमता से डेढ़ गुना बंदी, समस्याओं की भरमार
पाली उप कारागार में इन दिनों 138 बंदी बंद है, जो जेल की क्षमता से डेढ़ गुना अधिक है। इन दिनों गर्मी व उमस जोरों पर है। ऐसे में पांच बैरक में इन सभी बंदियों को एक साथ रखना भारी पड़ रहा है। जेल के बैरक में पंखे भी पूरे नहीं लगे हुए हैं। हर बैरक में तीस के करीब बंदी रखे जा रहे हैं। बैरक में भीड़ जैसे हालात हो जाते हैं, इससे बंदियों में झगडऩे तक की नौबत भी आ जाती है। क्षमता से अधिक बंदियों की समस्या के बारे में जेल प्रशासन ने मुख्यालय को गत सप्ताह लिखा। इस पर 25 बंदी जैतारण व सोजत उप कारागार भेजे गए। लेकिन, पाली में वकीलों की हड़ताल के चलते एक सप्ताह में फिर से बंदियों की संख्या बढ़ गई।

जैतारण को छोड़ हर जगह समस्या

जिले के पाली, बाली, सोजत उपकारागृह में क्षमता से अधिक बंदियों की समस्या बनी हुई है। जैतारण जेल में यह समस्या नहीं है। इसलिए पाली व अन्य जगहों पर बंदियों की संख्या बढऩे पर पहले तो बंदियों को जैतारण भेजा जाता है। इसके बाद भी संख्या बढ़ती है तो उन्हें जोधपुर सेंट्रल जेल भेजा जाता है।

महिला बंदी एक भी नहीं

पाली उपकारागृह के हाल यह है कि यहां महिला बंदी रखने की जगह भी नहीं है। वर्तमान में एक भी महिला बंदी पाली जेल में नहीं है। कोई महिला बंदी आती है तो उसे तुरंत जोधपुर जेल के लिए रवाना कर दिया जाता है।

जोधपुर जेल में भेजेंगे

हां, पाली जेल में क्षमता से अधिक बंदियों का मामला सामने आया है। बंदियों को जोधपुर जेल भेजने के लिए कहा गया है। जेल प्रशासन को बंदियों का ध्यान रखने के लिए कहा गया है।
- विक्रम सिंह, डीआइजी, जोधपुर सेंट्रल जेल

Published on:
08 Jul 2018 12:29 pm