पाली

मारवाड़-गोडवाड़ के पर्यटन स्थल ‘पावणों’ के पगफेरे को हैं मोहताज, नेताजी नहीं देते ध्यान

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Apr 25, 2019
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-आमने-सामने

पर्यटन स्थल के रूप में कब मिलेगी पाली को पहचान
पाली। राजस्थान में पाली जिला पयर्टन स्थलों के चलते अलग पहचान रखता है। यहां स्थापत्य कला का अनूठा उदाहरण रणकपुर जैन मंदिर है तो परशुराम महादेव मंदिर व सोमनाथ मंदिर भी है। जवाई बांध, ओम बन्ना स्थल, महाराणा प्रताप की जन्म भूमि स्थल, 1857 की क्रांति का साक्षी आउवा गांव भी है। इसके बावजूद जिले में पर्यटकों की आवाजाही पड़ोसी जिले जोधपुर से काफी कम है। जिसका एक कारण यह भी है कि पाली को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने में जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों ने भी कोई रुचि नहीं दिखाई। पाली में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कॉरिडोर बनाने की योजना भी मूर्त रूप नहीं ले सकी। राणकपुर महोत्सव भी पर्यटकों को आकर्षित करने में पूर्ण सफल नहीं हो सका। इसमें जनप्रतिनिधियों की उदासीनता भी एक कारण है।

महाराणा को मिले मान, इस पर करेंगे पुख्ता काम
पाली ऐतिहासिक रूप से ही नहीं, धार्मिक व आध्यात्मिक रूप से भी समृद्ध है। पाली को महाराणा प्रताप जन्मस्थली के रूप में विश्व पटल पर पहचान दिलाना एवं उनकी जन्मस्थली को विकसित करने का कार्य प्राथमिकता से करूंगा। इसके साथ ही जवाई बांध, राणकपुर मंदिर, पैंथर कनजर्वेशन क्षेत्र के प्रचार-प्रसार के लिए भी योजना बनवाएंगे, ताकि देशी-विदेशी पर्यटकों की आवाजाही बढ़ सके। इसको लेकर प्रयास जारी रखेंगे। -पी.पी. चौधरी, भाजपा, प्रत्याशी

पयर्टन को बढ़ावा देने का हरसंभव करेंगे प्रयास
प्रदेश में हमारी सरकार है। पाली जिले के पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए जितने भी प्रयास हो सकेंगे, वो करेंगे। पाली में ऐतिहासक रणकपुर मंदिर तो है ही, परशुराम महादेव, जवाई बांध सहित कई प्रमुख पर्यटक स्थल भी है, जिनको विकसित करने के लिए कार्य योजना बनाएंगे। साथ ही पैंथर कंजर्वेशन में देशी-विदेशी मेहमानों को लाने के लिए भी प्रयास करवाएंगे। इन पर्यटक स्थलों के आस-पास पयर्टकों के खाने-पीने व रहने की सुगम सुविधा विकसित हो इसको लेकर भी कार्य करेंगे। -बद्रीराम जाखड़, कांग्रेस, प्रत्याशी।

Updated on:
25 Apr 2019 12:32 pm
Published on:
25 Apr 2019 12:32 pm