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धार्मिक स्थल पर पाठशाला खोलकर युवा दे रहे हैं आखर ज्ञान की शिक्षा

-युवा दे रहे नि:शुल्क सहयोग: दानदाता मुहैया करवा रहे पाठ्य सामग्री
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Sep 05, 2018
Opening the school, giving education to young people
धार्मिक स्थल पर पाठशाला खोलकर युवा दे रहे हैं आखर ज्ञान की शिक्षा

श्याम शर्मा
रायपुर मारवाड़। रायपुर मारवाड़ में एक पाठशाला ऐसी भी है जो धार्मिक स्थल पर चल रही है। यहां ऐसे बच्चों को आखर ज्ञान की शिक्षा दी जा रही है, जो परिवार की आर्थिक स्थिति के आगे कभी भी सरकारी व निजी स्कूल की दहलीज पर कदम नहीं रख पाए। इन बच्चों को पाठ्य सामग्री दानदाता उपलब्ध करवा रहे हैं। जबकि, शिक्षक का किरदार इसी गांव के युवाओं द्वारा बगैर किसी मानदेय के बखूबी निभाया जा रहा है। हम बात कर रहे है पिपलिया कला गांव की। जहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा सेवा भारती संस्कार केंद्र चलाया जा रहा है। इस केंद्र की ओर से गांव में दो पाठशाला चलाई जा रही हैं। एक रामद्वारा में पाठशाला चलाई जा रही है। जहां 125 का नामांकन है।
जबकि एक अन्य पाठशाला जिसे रैदास केंद्र नाम दिया गया है। वह रेगरान मोहल्ले में एक व्यक्ति के घर में चलाई जा रही है। जहां 50 बच्चों का नामांकन है। ये पाठशालाएं रोजाना शाम चार बजे से छह बजे तक चलती हैं। संघ के उपखण्ड कार्यवाह जसवंत सिंह हैं, जिन्होंने अपने गांव में इस अनोखी पाठशाला की शुरुआत की है।

युवा दे रहे सहयोग
केंद्र का कार्य देख गांव के शिक्षित युवक व युवतियां केंद्र से जुड़े हैं। उन्होंने गांव की कच्ची बस्ती में रहने वाले गरीब परिवार के बच्चों को पाठशाला में प्रवेश दिलाया। पाठशाला में कक्षा दो से आठ तक पढ़ाया जाता है। इन बच्चों को गांव के कानदास, शोभा भाटी, योग्यता निम्बेल, डिम्पल चौहान रोजाना पाठशाला में नि:शुल्क सेवा दे रहे हैं।

कुछ यूं मिल रहा सहयोग
इस पाठशाला में पढऩे वाले बच्चों की पाठ्य सामग्री व पोशाक गांव के ही दानदाताओं द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें पशु चिकित्सा विभाग के कम्पाउंडर घनश्याम मेवाड़ा भी सहयोग कर रहे हैं। जो बच्चे सरकारी स्कूल में जाने की इच्छा जताते हैं उन्हें पाठ्य सामग्री व पोशाक दानदाताओं से दिलाकर सरकारी स्कूल में प्रवेश दिलाने का काम भी केंद्र कर रहा है। इस सत्र में ऐसे चार बच्चों को सरकारी स्कूल में प्रवेश दिलाया है।

- पिपलिया कला में हमारा केंद्र रामद्वारा व एक व्यक्ति के मकान में चल रहा है। जिसमें गांव के युवा पढ़ाने व पाठ्य सामग्री के लिए दानदाता सहयोग कर रहे हैं। अब हम शीघ्र ही इस तरह की पाठशाला अन्य गांवों में शुरू करने की तैयारी में हैं। अगली पाठशाला आगामी दिनों में बांसिया गांव में शुरू करना प्रस्तावित है। -जसवंत सिंह, उपखण्ड कार्यवाह, आरएसएस, पिपलिया कलां

Published on:
05 Sept 2018 11:05 am