
पाली. राष्ट्रीय व राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश में शनिवार को जिला मुख्यालय न्यायालय परिसर में लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें पाली, बाली, सोजत, जैतारण, सुमेरपुर, मारवाड़ जंक्शन, देसुरी, बर, सादडी, रायपुर न्यायालयों में लंबित प्रकरणों व प्री लिटिगेशन विवादों का दोनों पक्षा की रजामंदी से हल किया गया। लोक में प्रकरणों का निस्तारण करने के लिए 8 लोक अदालत बैंचो का गठन किया गया था। जिसमें से 2 बैंचे प्री लिटिगेशन व 6 बैंच पोस्ट लिटिगेशन प्रकरणों के लिए थी। प्रथम बैंच की अध्यक्षता अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट योगिता पारीक ने की। इसमें कुल 11 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। द्वितीय बैंक की अध्यक्षता एमएसीटी न्यायाधीश दीपा गुर्जर ने की। इसमें 13 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। साथ ही 26 लाख 15 हजार रुपए का अवार्ड पारित किया गया। तृतीय बैंच की अध्यक्षता अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश मोहिता भटनागर द्वारा की गई। इसमें 58 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। चतुर्थ बैंच की अध्यक्षता अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सा.दं.) प्रेमरतन ओझा ने की। इसमें 19 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। पांचवीं बैंच की अध्यक्षता एन.आई.एक्ट विशिष्ठ न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योति पटेल ने की। इसमें 22 प्रकरणों का निस्तारण व 20 लाख 46 हजार 424 रुपए का अवार्ड पारित किया गया। इसी तरह न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या - 1 वैभव सेनी की अध्यक्षता में 12 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट नवीन कुमार झरवाल की अध्यक्षता में 44 प्रकरणों का निस्तारण व 63 हजार 420 की राशि का अवार्ड पारित किया गया। वहीं न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या - 2 रचना मीणा की अध्यक्षता में 7 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। और 13 लाख 83 हजार 313 रुपए का अवार्ड पारित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव डॉ. शरद कुमार व्यास ने बताया कि लोक अदालत में कुल 5631 प्रकरण रखे गए। इसमें से 601 प्रकरणों का राजीनामा द्वारा निस्तारण व 3,16,21,294 रुपए का अवार्ड पारित किया गया। इसमें पाली, बाली, सोजत, जैतारण, सुमेरपुर, मारवाड़ जंक्शन, देसुरी, बर, सादडी, रायपुर न्यायालयों में लंबित प्रकरणों व प्री लिटिगेशन विवादों का दोनों पक्षा की रजामंदी से हल किया गया। लोक में प्रकरणों का निस्तारण करने के लिए 8 लोक अदालत बैंचो का गठन किया गया था।