पाली

Pali ACB Action: 20 हजार की घूस लेते लेखा सहायक गिरफ्तार, कार्रवाई की भनक लगते ही बीसीएमओ फरार

एसीबी की पाली द्वितीय इकाई ने रोहट ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी (BCMO) कार्यालय के लेखा सहायक (संविदाकर्मी) देवकीनंदन शर्मा को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

2 min read
Jun 21, 2026
Pali ACB action
एसीबी कि गिरफ्त में आरोपी. फोटो पत्रिका नेटवर्क

Pali ACB Action : पाली। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने पाली में रविवार को कार्रवाई की है। एसीबी की पाली द्वितीय इकाई ने रोहट ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी (BCMO) कार्यालय के लेखा सहायक (संविदाकर्मी) देवकीनंदन शर्मा को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस मामले में बीसीएमओ डॉक्टर हार्दिक राजपुरोहित की संलिप्तता भी सामने आई है। कार्रवाई की भनक लगते ही डॉक्टर मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। जोधपुर एसीबी की टीम ने फरार डॉक्टर के आवास पर भी सर्च ऑपरेशन चलाया है।

गाड़ी का बिल पास करने और टेंडर जारी रखने के लिए मांगी थी घूस

एसीबी के महानिदेशक (DG) गोविंद गुप्ता ने बताया कि परिवादी ने पाली द्वितीय चौकी में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया गया कि बीसीएमओ कार्यालय रोहट में टेंडर पर लगी उसकी गाड़ी को निरंतर चालू रखने और अप्रेल से जून तक के बकाया बिलों को पास करने की एवज में लेखा सहायक (संविदाकर्मी) देवकीनंदन शर्मा 20 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है।

इस शिकायत पर एसीबी रेंज जोधपुर के उप महानिरीक्षक (DIG) नारायण टोगस के सुपरविजन में पाली द्वितीय इकाई के प्रभारी व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) देरावर सिंह व टीम ने गोपनीय सत्यापन करवाया। रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने पर रविवार को जाल बिछाया गया।

दराज से बरामद हुए रिश्वत के रुपए

जैसे ही परिवादी ने आरोपी लेखा सहायक देवकीनंदन शर्मा को 20 हजार रुपए दिए, वैसे ही एसीबी टीम ने उसे दबोच लिया। आरोपी ने घूस की रकम बीसीएमओ कार्यालय की नई इमारत के प्रथम तल पर रखी एक लकड़ी की दराज में छुपा दी थी, जिसे एसीबी ने बरामद कर लिया है।

कार्रवाई में रोहट बीसीएमओ डॉ. हार्दिक राजपुरोहित की मिलीभगत सामने आने पर एसीबी यूनिट जोधपुर शहर के प्रभारी व पुलिस उप अधीक्षक (DySP) किशन सिंह के नेतृत्व में एक टीम ने डॉक्टर के घर पर तलाशी ली। हालांकि, कार्रवाई की भनक लगते ही बीसीएमओ फरार हो गया।

एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के सुपरविजन में आरोपी से पूछताछ की जा रही है। एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे का अनुसंधान शुरू कर दिया है। ब्यूरो ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी जायज काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत एसीबी की टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9413502834 पर 24x7 संपर्क करें।

Updated on:
21 Jun 2026 04:04 pm
Published on:
21 Jun 2026 04:03 pm