पाली जिले में चंदन तस्कर ब्लैक आउट की आड़ में जमकर चंदन के पेड़ों पर आरी चला रहे हैं, महंगी कीमत पर बिकने वाले चंदन के पेड़ों की कटाई से लोगों में रोष है
Rajasthan: भारत- पाकिस्तान के बीच तनाव के हालात बनने से चलाए जा रहे 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत राजस्थान के कई शहरों में ब्लैकआउट का ऐलान किया गया है। राजस्थान के पाली जिले में ब्लैकआउट को चंदन तस्कर आपदा में अवसर मानकर सक्रिय हो गए हैं। जिले के सादड़ी इलाके में शुक्रवार रात को एक कृषि फार्म पर चंदन तस्करों ने चंदन के पेड़ों पर आरी चला दी। हालांकि पेड़ कच्चे होने के कारण तस्कर उन्हे छोड़ गए।
सादड़ी में राणकपुर सड़क मार्ग स्थित एक कृषिफॉर्म में तस्करों ने चंदन के 3 पेड़ों पर आरी चलाई। 4-5दिन पूर्व भादरास सड़क मार्ग झुंझारजी मन्दिर परिसर में भी 3-4 चंदन पेड़ों पर आरी चलाई, तने को काटते वक्त खुशबू नही आने पर तस्कर काटे गए पेड़ को छोड़ गए।
कृषिफॉर्म मालिक ने बताया कि ब्लैक आउट दौरान शुक्रवार देर रात अज्ञात दो चंदन तस्कर सड़क किनारे बनी दीवार फांदकर अंदर आए, आरी से 3-4 चंदन पेड़ों के गहरा चीरा लगाया लेकिन कच्चा जानकर उन्हें खड़ा छोड़ दिया,दीवार के पास खड़े तीन बड़े चंदन का तना काट दिया। उनमें भी खुशबू नहीं आने पर काटकर छोड़ भागे।
जिले में पालिका क्षेत्र, ग्राम्यांचल सहित देसुरी उपखण्ड क्षेत्र में अर्क चंदन पेड़ों की बहुतायत है,सक्रिय चंदन तस्करों की दस्तक से इनकी आरी इन पेड़ों के तने काट गायब कर रही है। अब तक दर्जनों पेड़ों पर आरी चल गई है, शुक्लपक्ष चंद्रमा की चांदनी में ज्यादातर वारदात घटित हो रही है,इनदिनों ब्लैक आउट का भी फायदा मिल रहा है,बाजार में अर्क चंदन 3-5 हजार रुपए प्रतिकिलो के भाव से बिकता है।
चंदन के पेड़ के तने के मध्य के लाल भाग से चंदन तेल,सेंट व छोटे छोटे पीस बन्दूकों के बट पर लगाए जाते हैं। बनारसी सिल्क साड़ी में चंदन सेंट उपयोग आता है लकड़ी खिलौने सहित कई आयटम बनाने में उपयोग आती है। तस्कर आदिवासी युवकों से यह 700 से 1500 रुपए प्रति किलो के भाव ख़रीदते है,यह युवक जान जोखिम डालकर रात में अंधेरे का फायदा उठाकर तना काट कर ले जाते है। तने को काटते वक्त खुशबू नहीं आने पर उसे आधा काटकर छोड़ देते हैं।
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