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वाहन की चपेट में आने से पैंथर की मौत

- नेतरा के समीप रविवार अलसुबह अज्ञात वाहन की चपेट में आने से नर पैंथर की मौत हो गई
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Sep 09, 2018
Panther death due to vehicle grip
वाहन की चपेट में आने से पैंथर की मौत

सुमेरपुर। फोरलेन पर नेतरा के समीप रविवार अलसुबह अज्ञात वाहन की चपेट में आने से नर पैंथर की मौत हो गई। घटना की सूचना सुबह मिलते ही पुलिस व वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। वन विभाग के अधिकारियों ने एक बोर्ड का गठन कर उसका पोस्टमार्टम करवाया। बाद में वन विभाग की चौकी परिसर में ही पैंथर का दाह संस्कार किया।

जानकारी के अनुसार फोरलेन से गुजर रहे वाहन चालकों को सुबह नेतरा के समीप एक पैंथर का शव दिखा। इसकी उन्होंने वन विभाग को सूचना दी। इस पर रैंजर महेन्द्रपालसिंह व वनपाल हीरालाल तोसावड़ा वनकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। शव को वाहन में डालकर वन चौकी ले गए। जहां पशु चिकित्सक डॉ. हरीश निराला, डॉ. धनराज शर्मा व डॉ. अहमद हुसैन ने पोस्टमार्टम किया। इसके बाद एएसआई श्यामसिंह पैंथर का अंतिम संस्कार किया। पोस्टमार्टम में पैंथर के सिर पर गंभीर चोट व पैरों में फ्रेक्चर होने के साथ पेट में गंभीर चोट लगना सामने आया है। जो उसकी मौत का कारण बना। वनपाल तोसावड़ा ने बताया कि नर पैंथर लगभग सवा सात फीट लम्बा व चार साल उम्र का था। पैंथर रोजड़ा के कालिया भाखर से निकलकर सडक़ पार कर रहा था। इसी दौरान किसी वाहन की चपेट में आ गया। इस मौके पर इन्दरसिंह, चक्रवृतिसिंह, हरिशचन्द्र, कल्याणसिंह, छोगाराम देवासी मौजूद थे।

सुरक्षा दीवार नहीं है

जवाईबंाध पैंथर कजर्वेशन रिजर्व एरिया तो तो घोषित कर दिय है। लेकिन वन विभाग ने वन क्षेत्र की चार दीवारी नहीं बनाई गई। इस कारण पैंथर पानी व शिकार की तलाश में आबादी क्षेत्र में घुस जाते है। जवाई पैंथर कजर्वेंशन रिजर्व एरिया के पास से ही फोरलेन गुजर रही है। साथ ही पास ही रेलवे लाइन है। रेलवे ट्रेक पर दिन रात दर्जनों की संख्या में ट्रेनें गुजरती है। एक पैंथर की ट्रेन से दुर्घटना में भी मौत हो चुकी है। सरकार वाहवाही लूटने के लिए पैंथर कजर्वेंशन रिजर्व तो घोषित कर दिया। लेकिन पैंथर के विचरण करने के लिए वन विभाग के पास इतनी जमीन भी नहीं है। इस कारण पैंथर आए दिन आबादी क्षेत्र में घुस जाते है। पैंथर पशुओं का भी शिकार करते है।

Published on:
09 Sept 2018 05:46 pm