
पाली। होळी खेलेगा आपा गिरधर गोपाल से...,यमुना तट पर जोऊ कानुड़ा थारी बाट..., बोल महीनों फागण रो... जैसे गीतों की स्वर लहरियों से शुक्रवार को शहर का माहौल आस्था के रंग में रंग गया। महिलाओं की ओर से होली के बाद से शुरू फागोत्सव में महिलाओं ने मंदिरों में भजन गाते हुए नृत्य किया।
व्यंक्टेश मार्ग स्थित नृसिंह भगवान मंदिर में आयोजित फागोत्सव में महिलाओं ने भगवान नृसिंह के साथ भोलेनाथ का पूजन करने के बाद एक से बढकऱ एक भजन गाते हुए नृत्य किया। यहां महिलाओं ने फूलों की बरसात कर भगवान के साथ होली खेली। आयोजन से जुड़ी उषा दवे ने बताया कि महिलाओं ने भगवान के मावे के प्रसाद का भोग चढ़ाकर विश्वकल्याण की प्रार्थना की। महोत्सव में संतोष दवे, लीला बाई, सज्जन देवी, वीणा, रेखा के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थी।
भजनों पर खनकाए डांडियां
सिखववाल समाज भवन तिलक नगर में सिखवाल महिला मंडल की ओर से फागोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमे समाज की महिलाओं ने भगवान कृष्ण, राधा के साथ अन्य देवी-देवताओं की भक्ति से ओतप्रोत भजन गाते हुए नृत्य किया। भजनों की स्वर लहरियों पर डांडिया रास कर प्रभु को रिझाने का जतन किया। महोत्सव में समाज की बालिकाओं की ओर से राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकी सजाई गई।
जिसे समाजबंधु निहारते रह गए। इसके बाद भगवान का पूजन कर ठंडाई का प्रसाद वितरित किया गया। इस मौके सीाता बाई, रामी बाई, शान्ता बाई, प्रमिला व्यास, मण्डल उपाध्यक्ष ललिता व्यास, सुमनलता व्यास, किरण शर्मा, सुमित्रा शर्मा, प्रेमलता व्यास, हेमा शर्मा, अन्नू नागला, सुनीता व्यास, किरण व्यास आदि मौजूद थी।