पाली

रैंकिंग में जालोर-सिरोही से भी फिसड्डी पाली

-गिरावट: पूरे प्रदेश में पाली जिला 22वें स्थान पर - अधिकारियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
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Feb 13, 2019
Poor shift from Jalore-Sirohi in the rankings
रैंकिंग में जालोर-सिरोही से भी फिसड्डी पाली

पाली। ग्रामीण विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाली जिला परिषद की सच्चाई जनता के सामने आने लगी है। पंचायतराज विभाग ने मनरेगा सहित अन्य योजनाओं के आधार पर सभी जिला परिषदों की रैंकिंग जारी की है। इसमें पाली जिला 22 वें स्थान पर रहा है।
ये रैंकिंग महात्मा ग्राधी नरेगा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्रामीण विकास योजना, स्वच्छ भारत मिशन व राजीविका के हिसाब से तय की है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने फिसड्डी रहने वाले जिला कलक्टरों को रैंकिंग में सुधार करने के निर्देश दिए है।
कांग्रेस ने सत्ता में आते ही सभी जिला परिषद के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में काम मांगों अभियान शुरू किया। इसके बाद कई जिलों में मनरेगा श्रमिकों की की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। अब अधिकारियों को आईना दिखाने के लिए विभाग ने रंैकिंग घोषित की है। लगातार फिसड्डी रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी होगी।
जिले में काम मांगों अभियान के पहले मनरेगा में 30 हजार मजदूर काम कर रहे थे। अभियान के बाद में यह आंकड़ा बढ़ कर 69 हजार हो गया है।

ग्राम सभाओं में भागीदारी बढ़ाने के प्रयास
ग्राम सभाओं को और सशक्त बनाने के लिए इस महीने से पंचायतराज विभाग कई नवाचार करेगा। पंचायतराज विभाग से जुड़े महकमों के अधिकारियों की उपस्थिति तय की जाएगी। वहीं ग्राम सभाओं में वित्तीय स्वीकृति वाले प्रस्तावों के साथ आगामी योजनाओं से भी ग्रामीणों को अवगत कराया जाएगा। आमजन की भागीदारी बढ़ाने के लिए सामाजिक संगठनों के सदस्य घर-घर जन सम्पर्क भी करेंगे।

स्वच्छता की यह तस्वीर
स्वच्छ भारत मिशन में भी कई जिले काफी पिछड़े हुए है। इस योजना में श्रीगंगानगर, बारां, पाली, सवाईमाधोपुर, सिरोही, टोंक, कोटा, झुंझुनूं, अजमेर, अलवर जिला आगे है। वहीं अंतिम पायदान पर करौली, नागौर, प्रतापगढ़, राजसमंद, सीकर व उदयपुर जिला है।
रैंकिंग में गलती हुई है, भेजा है पत्र
काम मांगों अभियान के बाद जिला परिषदों के काम-काज की रंैकिंग की गई है। इसमें पाली जिला 22 वें स्थान पर रहा है। लेकिन, पाली को राजीविका में 0 माक्र्स मिले है। जबकि संलग्न परिशिष्ट में राजीविका के 6 माक्र्स मिले है। इन माक्र्स को रैंङ्क्षकग में जोड़ा नहीं गया है। अंक जोडऩे के लिए पंचायत राज विभाग जयपुर को पत्र लिखा है।
हरिराम मीणा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद, पाली

प्रदेश के जिलों की यह रही रैंकिंग
झुंझुनूं - 1
बाड़मेर - 2
धौलपुर - 3
हनुमानगढ़ - 4
अलवर - 5
चित्तौडगढ़़ - 6
गंगानगर - 6
अजमेर -7
भरतपुर - 8
सिरोही - 9
भीलवाड़ा - 10
चुरु - 10
बारां -11
डूंगरपुर - 11
बांसवाड़ा -12
बूंदी - 12
सीकर -12
कोटा -13
स.माधोपुर -13
जालोर -14
दौसा -15
झालावाड़ -16
जैसलमेर -17
नागौर -17
जोधपुर - 18
टोंक - 19
उदयपुर - 21
जयपुर - 21
पाली - 22
प्रतापगढ़ - 23
राजसमंद - 24
बीकानेर - 25

Updated on:
13 Feb 2019 11:57 am
Published on:
13 Feb 2019 11:57 am