पाली

पीएम से मिलने की खुशी, पीछे बैठने व पास नहीं जा पाने का रहा मलाल

-रानी की साक्षी और जोजावर स्कूल के ऋतिक जोशी गए थे दिल्ली
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Jan 30, 2019
Prime Minister Narendra Modi questions students
पीएम से मिलने की खुशी, पीछे बैठने व पास नहीं जा पाने का रहा मलाल

पाली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली के तालकोटा स्टेडियम में विद्यार्थियों के साथ परीक्षा पर चर्चा की। इस कार्यक्रम में प्रदेश के 63 बच्चों ने भाग लिया। इनमें से 2 बच्चे पाली के थे। इसमें बालिका साक्षी गांधी पुत्री नथमल गांधी थी। जो आइपी संचेती स्कूल विद्यावाड़ी में पढ़ती है। जबकि बच्चा ऋतिक जोशी पुत्र दिनेश जोशी है। ये दोनों प्रधानमंत्री को आंखों के सामने देखकर और उनकी बाते सुनकर काफी खुशी हुए, लेकिन इनको संवाद कार्यक्रम के सभागार में काफी पीछे बैठने व प्रधानमंत्री से नहीं मिलने का मलाल रहा। उनका कहना था कि संवाद में केवल केन्द्रीय विद्यालय के बच्चों को ही तवज्जो दी गई।

सवाल पूछने के लिए कैसे किया चयन पता नहीं : साक्षी
प्रधानमंत्री के परीक्षा संवाद कार्यक्रम में जाकर एक नया अनुभव हुआ। वहां जाना सपने जैसे लग रहा था। वहां कुछ चयनित बच्चों को ही प्रधानमंत्री से सवाल पूछने दिए गए। उनका चयन कैसे हुआ हमें तो पता ही नहीं चला। वहां केवल तीन बच्चों ने ही सवाल पूछे। हमारे अध्यापकों को भी इस बारे में जानकारी नहीं थी। हमें बैठाया भी काफी पीछे गया। वैसे प्रधानमंत्री के सामने डेढ़ घंटे तक बैठकर उनको सुनने के बाद बहुत सी नई बातें समझ आई। आत्मविश्वास भी बढ़ा। सबसे अच्छी बात यह लगी कि परीक्षा को त्योहार की तरह मानना चाहिए। इसके साथ ही परीक्षा में कभी कम अंक आने पर तनाव में नहीं आना चाहिए। यह एक कक्षा का ही परिणाम है, जीवन का नहीं। यह सोचना चाहिए। एक बात और अच्छी लगी वह यह थी कि अभिभावकों को अपने सपने बच्चों पर नहीं थोपने चाहिए।

केन्द्रीय विद्यालय के बच्चों ने ही पीएम से पूछे सवाल : ऋतिक
संवाद कार्यक्रम में जाना ऐसा लगा जिसे बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं है। मैने वहां जाकर पहली बार प्रधानमंत्री को आंखों से देखा, लेकिन उनसे मिल नहीं सका। मैं दो सवाल भी सोचकर गया था, जो उनसे पूछ नहीं सका। सवाल तो केवल केन्द्रीय विद्यालय के बच्चों ने पूछे। हमें बैठाया भी काफी पीछे गया था। स्टेडियम में 2700 बच्चे आए थे। प्रधानमंत्री की एक बात मुझे बहुत अच्छी लगी, वह यह थी कि तकनीक के साथ चलना चाहिए। तकनीक को छोडऩे से हम पीछे चले जाते हैं। परीक्षा के दबाव को कम करने के उनके टिप्स भी बहुत अच्छे थे। उनके भाषण देनी की शैली और समझाने का तरीका भी मुझे काफी पसंद आया।

Published on:
30 Jan 2019 04:43 pm