-प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में जोड़ी सात नई श्रेणियां, एक अप्रेल से गाइडलाइन में बदलाव
पाली. देशभर में गरीबों के घरों से चूल्हे का धुआं मिटाने के मकसद से शुरू की गई प्रधानमंत्री उज्जवला योजना का अब विस्तार होगा। योजना में इस वित्तीय वर्ष तीन करोड़ 'नए गरीब जोड़े जाएंगे। इसके लिए केन्द्र सरकार ने योजना की गाइडलाइन में बड़ा बदलाव किया हैं। इसके तहत योजना में सात नई श्रेणियां शामिल की गई हैं। कुछ जरूरी कागजी औपचारिकताएं करने के बाद अजा-जजा, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, अति पिछड़ा वर्ग, अंत्योदय अन्न योजना, टी एवं एक्सटी गार्डन जनजाति, वनवासी एवं द्वीप व उपद्वीप श्रेणियों के 'गरीबÓ भी गैस का कनेक्शन ले सकेंगे। योजना के तहत अब तक पूरे देश में पांच करोड़ लोग लाभान्वित हो चुके हैं, जिन्हें मार्च 2019 तक आठ करोड़ करने का लक्ष्य तय किया गया हैं। इसी कारण योजना में वंचित तबकों को भी जोड़ा गया हैं।
नया पोर्टल तैयार
पेट्रोलियम मंत्रालय ने योजना के तहत सात नई श्रेणियों को जोडऩे का फैसला करने के बाद एक नया पोर्टल तैयार किया है। इस पोर्टल ने एक अप्रेल से काम करना शुरू कर दिया है। इस पर सभी राज्यों को नए आवेदकों के आंकड़े अपलोड करने होंगे। गैस एजेन्सी के वितरकों को भी आवेदकों के दस्तावेज अपने पास रिकार्ड के तौर पर रखने होंगे।
ऐसे होगा आवेदन
आवेदक को केवायसी समेत अन्य दस्तावेजों के साथ फार्म भरना होगा। विस्तारित योजना के लिए पूरक केवायसी व पहचान जांच, राशन या आधार की प्रति समेत गैस चूल्हे, रिफिलिंग के लिए लोन का फार्म भरना होगा। कम से कम एक व्यस्क सदस्य के आधार या राशन की कॉपी साथ लगानी होगी। एनआईसी की ओर से सिस्टम डवलप करने के बाद इनकी ऑनलाइन जांच होगी।
यह देने होंगे दस्तावेज
अजा-जजा को जाति प्रमाण पत्र के साथ जिला प्रशासन का प्रमाण पत्र, आवास योजना के आवेदकों को एएचएल टिन नंबर, अति पिछड़ा वर्ग को एमबीसी प्रमाण पत्र, अंत्योदय अन्न योजना के आवेदकों को अंत्योदय राशन कार्ड, टी एवं एक्सटी गार्डन के आवेदकों को जनजाति व सक्षम अधिकारी का प्रमाण पत्र, वनवासी आवेदकों को वन विभाग, जनजाति कल्याण निगम की प्रमाणित सूची, द्वीप व उपद्वीप आवेदकों को सक्षम अधिकारी का प्रमाण पत्र या सूची देनी होगी। सभी श्रेणी के आवेदकों को परिजनों का आधार कार्ड, बैंक पास बुक व राशन कार्ड देना होगा।
कर रहे हैं प्रचार-प्रसार
योजना के तहत सात नई श्रेणियां जोडऩे के बाद जिलेभर के वितरकों को इसकी जानकारी दी जा रही है। जल्द ही नई श्रेणियों के आवेदकों को इससे जोडऩे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
-कमल कुमार, प्रवर्तन निरीक्षक, रसद विभाग, पाली