Pali News: राजस्थान के पाली जिले से ईमानदारी की एक मिसाल सामने आई है, जिसने गांव ही नहीं बल्कि पूरे इलाके में लोगों का दिल जीत लिया।
Pali News: राजस्थान के पाली जिले के खैरवा गांव से ईमानदारी की एक मिसाल सामने आई है, जिसने गांव ही नहीं बल्कि पूरे इलाके में लोगों का दिल जीत लिया। एक किसान परिवार से अनजाने में गहनों से भरा गेहूं का कट्टा बिक गया, लेकिन खरीदार ने ईमानदारी दिखाते हुए वह कीमती सामान वापस लौटा दिया।
खैरवा गांव के घांचियों का वास निवासी किसान घीसाराम घांची के खेत पर गेहूं से भरे कई कट्टे रखे हुए थे। करीब 25 दिन पहले गांव के ही मांगू खां उनके पास 100 किलो गेहूं खरीदने के लिए पहुंचा। इस दौरान घीसाराम ने एक कट्टा खाली कर वापस भरा और दे दिया।
वहीं दूसरा गेहूं से भरा कट्टा खोले बिना ही मांगू खां को दे दिया। कुछ दिन बाद जब मांगू खां के घर एक कट्टे का गेहूं खत्म हो गया, तो उन्होंने दूसरे कट्टे को खोलकर आटा पिसवाने की तैयारी की। जैसे ही कट्टा खोला गया, उसमें गेहूं के साथ गहने भी मिले। यह देखकर मांगू खां और उनका परिवार हैरान रह गया।
मांगू खां ने तुरंत ईमानदारी का परिचय दिया। उन्होंने अपने बेटे को घीसाराम के पास भेजा और उन्हें घर बुलाने के लिए कहा। बेटे ने जाकर बहाना बनाया कि गेहूं खराब निकले हैं, इसलिए तुरंत घर चलना होगा। पहले तो घीसाराम ने मना किया, लेकिन आग्रह करने पर वह मांगू खां के घर पहुंचे।
वहां पहुंचने पर उन्हें सच्चाई का पता चला। गांव के सरपंच भरत सिंह, भगत सिंह, बिंदू भाई मुसलमान और हनीफ खां सहित अन्य ग्रामीणों की मौजूदगी में मांगू खां ने पूरे गहने वापस सौंप दिए। घीसाराम ने बताया कि कट्टे में उनकी पत्नी का चांदी का कंदौरा, बेटी का कंदौरा, कानों की बालियां, छड़ों की जोड़ी और बच्चों के दामणा सहित करीब 15 लाख रुपए के गहने रखे हुए थे।
उनकी बेटी ने गेहूं के कट्टे में गहने रख दिए थे, लेकिन इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी। इसलिए उन्होंने गलती से गेहूं के कट्टे बेच दिए। यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। हर कोई मांगू खां की तारीफ कर रहा है। आज के समय में जहां छोटी से बात पर विवाद हो जाते हैं, वहीं मांगू खां का यह कदम समाज के लिए प्रेरणादायक बन गया है।