प्रदेश में तीन हजार से अधिक विद्यालय अंग्रेजी माध्यम में तब्दीलअब 240 राजकीय विद्यालय को ओर अंग्रेजी में बदलने के आदेश
राजस्थान के गांवों या शहरों में जाए तो बच्चे अभी किसी जगह जाना हो तो बोलते हैं कठै जावौ सा... कुछ दिनों बाद बोलेंगे वेयर आर यू गोइंग... ऐसा इस कारण से नहीं है कि वे अंग्रेजी के निजी स्कूलों में पढ़ने जाएंगे। उनका स्कूल गांव या कस्बे का ही सरकारी होगा, लेकिन पढ़ाने का अंदाज बदल गया है। विश्व में सबसे अधिक बोली जाने वाली अंग्रेजी भाषा के प्रदेश में लगातार राजकीय विद्यालय खोले जा रहे है। प्रदेश सरकार की ओर से 16 अगस्त को 240 नए अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने के निर्देश जारी किए है। इसके बाद प्रदेश में करीब 3278 महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय अंग्रेजी माध्यम या राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय हो जाएंगे। खास बात यह है कि इन सभी स्कूलों में इसी सत्र से अंग्रेजी पढ़ाना शुरू किया जाएगा।
16 अगस्त को इतने स्कूल बने अंग्रेजी माध्यम में
राजस्थान सरकार शिक्षा (गु्रप-1) विभाग के संयुक्त शासन सचिव किशोर कुमार ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर को 240 नए स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम में बदलने के आदेश दिए है। इस सूची में अलवर के 30, बाड़मेर के 10, भरतपुर के 15, बीकानेर के 10, चितौड़गढ़ के 7, दौसा के 21, धौलपुर के 3, डूंगरपुर के 7, हनुमानगढ़ का 1, जयपुर के 27, जालोर के 4, झूंझनूं के 20, जोधपुर के 25, करौली के 5, कोटा के 6, नागौर के 18, पाली के 4, सवाई माधोपुर के 3, सीकर के 8, टोंक के 4 व उदयपुर के 12 स्कूल है।
पाली में इन स्कूलों को बनाया अंग्रेजी माध्यम
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय वरका, बाली
राजकीय प्राथमिक विद्यालय भोपीजी का बाडि़या जैतारण
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सालपाड़ा चितार जैतारण
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय श्यामापुरा नानणा जैतारण
जालोर में इन स्कूलों में पढ़ाएंगे अंग्रेजी
राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल डबली मठ सायला
राजकीय प्राथमिक विद्यालय लालासर डाउल चितलवाना
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय अंकोडिया चितलवाना
राजकीय प्राथमिक विद्यालय विश्वकर्मा नगर चौरा सांचौर