सम्बोधन का बदल गया तरीका, अयोध्या में भगवान राम मंदिर प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर अपार उत्साह, मोबाइल की रिंग टोन के साथ सुनने वाला पहला वाक्य होता है जय श्रीराम।
अयोध्या में करीब 500 साल के बाद दशरथ नंदन भगवान राम मंदिर में विराजमान होने वाले हैं। इससे अयोध्या का रूप तो बदला ही है, उसके साथ ही देश-विदेश में रहने वाले हर राम भक्त और शहरों गांवों का रूप भी बदल रहा है। देश के हर कोने में रहने वालों को ऐसा लगा रहा है, मानो त्रेता युग की तरह फिर रामराज लौट रहा है। प्रतिष्ठा महोत्सव के कारण लोगों के सम्बोधन करने का तरीका भी बदल गया है। आपस में मिलने पर लोगों के मुंह से पहला शब्द जयश्री राम या राम-राम सा हो गया है। घरों में भी सुबह व शाम को मोबाइल व स्पीकर पर बजने वाले भजनों में भगवान राम की भक्ति के भजन अधिक पसंद किए जाने लगे हैं।
सोशल मीडिया पर प्रभु राम
सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म पर अभी रील में भी भगवान राम के भजन, अयोध्या से जुड़ी जानकारी, राम मंदिर निर्माण ही ट्रेंड कर रहा है। सोशल मीडिया को खोलते ही युग राम राज का आ गया..., जय हनुमंत संत हितकारी..., मिथला का कण-कण खिला..., मेरे राम आएंगे मां सीता संग आएंगे..., जय श्री राम जय श्री राम..., जिनका घर हो अयोध्या जैसा... जैसे गीत ही ट्रेंड कर रहे हैं।
संतों के प्रवचन में भी राम
अयोध्या में राम मंदिर प्रतिष्ठा को लेकर सोशल मीडिया पर आने वाले संतों के प्रवचनों का भी मुख्य विषय प्रभु राम हो गया है। संत चाहे सनातन धर्म के हो या जैन धर्म के, उनसे लोग सवाल भगवान राम और अयोध्या को लेकर ही पूछ रहे है। यहां तक कि अन्य धर्म के लोगों से बातचीत में भी सोशल प्लेटफार्म आदि पर भगवान राम के मंदिर से जुड़ी सामग्री को ही महत्व मिल रहा है।
सजावट को लेकर भी उत्साह
भगवान राम मंदिर प्रतिष्ठा के दिन को मनाने और प्रभु के आगमन की खुशी में घर सजाने को लेकर भी हर कोई लालायित है। इसके लिए लोगों ने दिवाली की तरह रोशनी करने का मन बना रखा है। कई लोगों ने दिवाली की तरह सजावट के लिए रंग-बिरंगी लाइटों की खरीद की है और कर रहे हैं तो कई लोगों ने दिवाली पर लाइटों की सार-संभाल कर तैयार कर लिया है। दीप तो हर घर में लेंगे।