पाली

सेवानिवृत्ति के 17 साल बाद भी गुड़ा एंदला के एक शिक्षक का ऐसा जुनून

-सेवानिवृत्ति के बाद बनाई दो संस्था, अब प्रतिभाओं की करते हैं मदद
2 min read
Sep 05, 2018
Retiring teacher talents are doing help in pali
सेवानिवृत्ति के बाद बनाई दो संस्था, अब प्रतिभाओं की करते हैं मदद

दिनेश राजपुरोहित
गुन्दोज। गोडवाड़ में वैसे तो दानदाताओं की कमी नहीं है, लेकिन गुड़ा एंदला के एक शिक्षक का जुनून है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी शिक्षा में सेवा का संकल्प नहीं तोड़ा। सेवानिवृति के बाद उन्होंने दो संस्थाएं बनाई, जिनसे वे प्रतिवर्ष अपने क्षेत्र की प्रतिभाओं की सहायता करते हैं। वहीं असहाय लोगों की सहायता भी करते हैं। अपने शिष्यों के साथ मिलकर सेवानिवृत्ति के 17 साल बाद भी वे आज भी अपने सेवा के जज्बे को कायम रखे हैं। गुडा एंदला के शिक्षक जेठमल छीपा वर्ष 31 दिसम्बर 2001 को गांव के ही विद्यालय से सेवानिवृत हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद भी उनमें सेवा का जज्बा कायम रहा। उन्होंने पढ़-लिखकर मुकाम पा चुके अपने शिष्यों के साथ मिलकर दो संस्थाएं बनाई, जिनसे वे आज भी सेवा करते हैं।

ये हैं दो संस्थाएं, जो दे रही संबल
गुरु-शिष्य प्रतिभा प्रोत्साहन योजना
शिक्षक जेठमल छीपा ने गुरु शिष्य प्रतिभा प्रोत्साहन योजना बनाई। जिसके वे संयोजक हैं। योजना में वे और इनके चार शिष्य प्रतिवर्ष पांच-पांच हजार रुपए देते हैं। ऐसे में एक साल में पच्चीस हजार रुपए एकत्रित होते हैं। इन रुपयों से वे बालराई व गुडा एंदला क्षेत्र के 8 वीं से कॉलेज स्तर तक 70 प्रतिशत या इससे अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थी को 200 रुपए प्रतिमाह प्रोत्साहन के रूप में देते है। कोई विद्यार्थी गरीब हो तो राशि बढ़ाई भी जाती है।

वृद्धा पेंशन योजना
शिष्यों की सहायता से ही उन्होंने गुरु शिष्य वृद्धा पेंशन योजना भी चला रखी है। योजना के तहत गांव का कोई भी वृद्ध पुरुष हो या महिला जिसकी उम्र 60 वर्ष या अधिक हो तथा उसके परिवार में कमाने वाला कोई नहीं हो, ऐसे परिवार को वे प्रतिमाह पांच-सौ रुपए उनके घर जाकर देते हैं।

अपने शिष्यों की भागीदारी से चलाता हूं
-मैं दोनों योजनाएं अपने शिष्यों की भागीदारी से चलाता हूं। वर्ष 2011 से सभी सरकारी विद्यालयों में जहां पर मुझे नि:शुल्क सेवा भी देता हूं। विद्यार्थियों को हमेशा माता-पिता की सेवा व बड़ों का आदर करने की शिक्षा देता हूं। मैं एक स्काउट मास्टर भी रहा हूं। सेवा करना मेरा धर्म है। -जेठमल छीपा, सेवानिवृत्त शिक्षक, गुडा एन्दला

Updated on:
05 Sept 2018 12:23 pm
Published on:
05 Sept 2018 12:21 pm