पाली

VIDEO : प्रवासी लौटे तो जवाई पर बढ़ गया बोझ, बांध से एक एमसीएफटी अधिक निकल रहा पानी

-15 सितम्बर का पानी था पहले जवाई में-अब करीब तीन माह का पानी शेष
2 min read
May 24, 2020
VIDEO : प्रवासी लौटे तो जवाई पर बढ़ गया बोझ, बांध से एक एमसीएफटी अधिक निकल रहा पानी
VIDEO : प्रवासी लौटे तो जवाई पर बढ़ गया बोझ, बांध से एक एमसीएफटी अधिक निकल रहा पानी

पाली/सुमेरपुर। कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में व्यापार व कार्य करने वाले मारवाड़-गोडवाड़ के प्रवासी लगातार लौट रहे है। इससे पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े मरुसागर पर दबाव बढ़ गया है। प्रवासियों के आने से पहले इस मरुसागर जवाई बांध में 15 सितम्बर तक पानी पिलाने की क्षमता थी। लेकिन, अब यह दिन घट गए है। जहां प्रवासियों के लौटने से पहले रोजाना करीब 8 एमसीएफटी पानी जवाई बांध से निकाला जा रहा था। लेकिन, इन दिनों यह मात्रा एक एमसीएफटी बढ़ा दी गई है। इधर, रोहट क्षेत्र में भी जलापूर्ति के लिए टैंकरों की संख्या भी बढ़ा दी गई है।

कम से कम चाहिए 50 लीटर पानी
जिले के गांवों में प्रति व्यक्ति के हिसाब से 50 लीटर पानी की रोजाना जरूरत होती है। शहरी क्षेत्र में यह मात्रा अधिक है। यदि ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की खपत का आकलन किया जाए तो प्रवासियों के आने के बाद यह खपत करीब 79 लाख लीटर पानी की खपत रोजाना बढ़ी है। हालांकि कई जगह पर ट्यूबवेल या कुओं आदि से भी पानी उपयोग किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद जवाई पर बोझ जरूर बढ़ा है।

सबसे ज्यादा प्रवासी सुमेरपुर में
जिले में अब तक सबसे ज्यादा प्रवासी सुमेरपुर क्षेत्र में 25 हजार 546 आए है। इसके अलावा बाली में 22 हजार से अधिक प्रवासी पहुंच चुके है। इन क्षेत्रों में कई जगह जवाई से ही जलापूर्ति हो रही है। जिले के जैतारण में भी करीब 19 हजार प्रवासियों का आगमन हुआ है। इस तरह अभी तक जिले में 1 लाख 60 हजार के करीब प्रवासी आए है और उनका आगमन अभी तक जारी है।

औसत 150 व्यक्ति आए गांव में
जिले में गांवों की संख्याय 1017 है। अब तक जिले में 1 लाख 58 हजार से अधिक प्रवासी आए है। इस तरह से एक गांव में करीब 150 से 200 व्यक्ति औसत आए है। दूसरा गांवों में ट्यूबवेल और कुएं भी पानी के साधन है। ऐसे में पीएचइडी खुद पर पानी की खपत का भार अधिक पडऩा नहीं बता रहा है। जो प्रवासी शहरों में आए है। वहां खपत गांवों की तुलना में अधिक आई है।

गर्मी भी एक कारण
जवाई बांध के पानी की एक एमसीएफटी खपत प्रवासियों के साथ ही गर्मी अधिक होने के कारण भी बढ़ी है। इस समय कुलर आदि अधिक चलते है। पानी भी नहाने के साथ अन्य कार्यों में अधिक उपयोग होता है। इसके अलावा 45 डिग्री तापमान होने से जवाई से छिजत भी अधिक हो रही है।

अभी ज्यादा प्रभाव नहीं
प्रवासियों के जिले में आने के बावजूद अभी तक जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सिस्टम पर अधिक प्रभाव नहीं आया है। पानी की खपत में कुछ इजाफा जरूर है, लेकिन अभी तक हमारे पास करीब 115 दिन का पानी शेष है। -दिनेश पुरोहित, अधीक्षण अभियंता, जलदाय विभाग, पाली

-जवाई बांध में पानी 1480 एमसीएफटी
-जवाई के लाइव स्टोरेज में पानी 900 एमसीएफटी
-सेईबांध में पानी 1.50 मीटर
-कालीबोर में पानी 4 मीटर

Published on:
24 May 2020 06:30 am