
गुरु रूप मुनि रजत गुरु सेवा समिति की ओर से शहर के रूप रजत विहार में आयोजित स्वाध्याय प्रशिक्षण शिविर में देश के 400 से अधिक साधक स्वाध्याय कर रहे हैं। उनके दिन का हर क्षण स्वाध्याय व प्रभु के गुणगान में गुजर रहा है। अध्यक्ष नेमीचन्द चौपड़ा के प्रयासों से आयोजित शिविर में शुक्रवार को उप प्रवर्तक विनय मुनि वागीश, उपप्रवर्तक गौतम मुनि, साध्वी मैना कंवर सहित अन्य संतों व साध्वियों की निश्रा में श्रावक-श्राविकाओं ने स्वाध्याय किया।
उपाध्याय कन्हैयालाल कमल मुनि की पुण्यतिथि पर धर्म सभा में संतों ने कहा कि स्वाध्याय वही है, जहां गुरु भगवंतों के चरणों में बैठकर आगम ज्ञान का पारायण किया जाता है। संतों के आगमन से अहोभाव से विनयता व नम्रता का परिचय देते हैं। ऐसा ही अहोभाव लेकर नेमीचन्द चौपड़ा, पारस छाजेड़, शोभचन्द संचेती, निर्मल छाजेड़, आदित्य भंसाली ने ऐसा आयोजन किया है। ये अहोभाव वैसा ही है, जैसा अंतगड सूत्र में माता देवी का था। सन्त आगमन कर्मों का अंत करता है।
आत्मानुशासन का पढ़ाया पाठ
गुरु आनंद मिश्री दरबार में उप प्रवर्तिनी साध्वी मैना कंवर ने कहा कि आत्मानुशासन से ही आत्म गुण प्रकट होंगे। गीतकार विनोद सालेचा ने गीतों के माध्यम से माहौल को धर्ममय बना दिया। रूप रजत विहार के सज्जनराज गुलेच्छा ने बताया कि महेन्द्र जैन, नरेन्द्र पंच, अशोक भण्डारी, प्रकाश भरकतिया, मांगीलाल संचेती, शरबत पगारिया, मनोज नाबरिया, मुकेश मोदी आदि मौजूद रहे।