
जैन युवा संगठन के तत्वावधान में 25 जनवरी को पाली से वंदे जिनशासन एक्सप्रेस से गए तीर्थ यात्री पालीतणा पहुंचे। शत्रुंजय, गिरनार व बाहुबली तीर्थ यात्रा संघ के पालीतणा पहुंचते ही माहौल भगवान आदिनाथ के जयकारों से गूंज उठा। वहां 1050 तीर्थ यात्रियों ने शाम को शत्रुंजय नदी की आरती कर शीश नवाया।
इससे पहले संघ के पालीतणा पहुंचने के बाद बैण्ड बाजों की मधुर धुन और भगवान के भक्ति गीतों की सरगम के साथ वरघोड़ा निकाला गया। अश्वों, बग्गी, पंजाब के बैण्ड, पालीतणा के बैण्ड, नासिक ढोल आदि से सजा वरघोड़ा जिन मागोZं से गुजरा लोग निहारते रह गए। वरघोड़े में यात्री भगवान का जयकारा लगाते तो महिलाएं मंगल गान करते हुए चली।
भक्ति में रमे श्रद्धालु
पालीतणा में शाम को आरती के बाद भक्ति का आयोजन किया गया। जिसमे दीपक करणपुरिया ने भगवान की भक्ति से ओतप्रोत भजन सुनाकर श्रोताओं को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। हर तरफ जिनशासन का जयकारा गूंज उठा। इस मौके विनय बम्ब, अध्यक्ष राकेश कुण्डलिया, सचिव कल्पेश लोढ़ा, प्रवक्ता प्रवीण तातेड़ के साथ सभी ने सहयोग किया।
पहाड़ी पर करेंगे दर्शन
संघ में शामिल यात्रियाें ने शनिवार पालीतणा पहाड़ी की 4 हजार सीढि़याें की चढ़ाई शुरू की। श्रद्धालु पहाड़ी पर विराजमान भगवान आदिनाथ के साथ अन्य देवी-देवताओं के दरबार में शीश नवाएंगे। इससे उन्होंने तलहटी में विराजमान भोमियाजी के दरबार में मत्था टेका। रात 11 बजे वंदे जिनशासन एक्सप्रेस से गिरनाथ तीर्थ के लिए रवाना होंगे।