जिले की 6 पंचायत समिति में लगेगी मृदा परीक्षण प्रयोगशाला, युवा व कोई संस्था करेगी प्रयोगशालाओं का संचालन।
खेती करने के लिए मिट्टी सबसे महत्वपूर्ण है। मिट्टी उपजाऊ होने पर फसल अच्छी होती है। मिट्टी में पाए जाने वाले पोषक तत्वों की किसानों को पहले ही जानकारी होने पर वे उसी के अनुसार फसल का चयन कर बुवाई करते हैं। इसके लिए अभी तक किसानों को जिला मुख्यालय पर मिट्टी के सैम्पल भेजने पड़ते रहे हैं। अब जिले की छह पंचायत समिति मुख्यालय पर किसान मिट्टी का परीक्षण करवा सकेंगे। वहां पर लगने वाले मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं का संचालन युवा या संस्था की ओर से किया जाएगा। इनको कृषि विभाग की ओर से एक लाख पचास हजार रुपए की सहायता मिलेगी।
यहां लगाई जानी है प्रयोगशाला
वर्तमान में जिले की 10 पंचायत समितियों में से 4 पंचायत समितियों पर मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाएं हैं। जबकि रोहट, मारवाड़ जंक्शन, रानी, सुमेरपुर, रायपुर व देसूरी पर वर्ष 2023-24 में केन्द्रीय प्रवर्तित योजना आरकेवीवाई-सॉयल हेल्थ एण्ड फर्टिलिटी तहत 1-1 वीएलएसटीएल प्रयोगशाला स्थापित करना तय किया गया है।
परीक्षण की क्षमता 3000 मिट्टी के नमूने
वीएलएसटीएल की क्षमता करीब 3000 नमूने प्रतिवर्ष होगी। नमूना विश्लेषण की कीमत 300 रुपए प्रति नमूना योजना के तहत वहन की जाएगी। यदि 3000 नमूनों के अलावा 500 नमूने अतिरिक्त जांच के लिए देने पर ग्राम स्तरीय उद्यमी को 500 नमूनों के लिए 20 रुपए प्रति नमूना प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके बाद अतिरिक्त नमूनों की जांच पर राज्य सरकार की ओर से तय शुल्क 5 रुपए प्रति नमूना करनी होगी।
इस तरह कर सकते हैं आवेदन
इस योजना के तहत प्रयोगशाला के लिए आवेदन 15 जनवरी तक किया जा सकता है। आवेदन पत्र संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) जिला परिषद से आवेदन प्राप्त कर सकते हैं। उन आवेदनों से जिला स्तरीय कार्यकारिणी समिति की ओर से स्क्रीनिंग करते हुए प्रत्येक पंचायत समिति के लिए 1-1 प्रस्ताव राज्य स्तरीय क्रियान्वयन समिति की ओर से कृषि आयुक्तालय को भेजे जाएंगे।
यह होनी चाहिए योग्यता
1. ग्राम स्तरीय उद्यमी के लिए पात्र व्यक्ति की उम्र 18 वर्ष से कम एवं 27 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। वह 10वीं विज्ञान उत्तीर्ण एवं कम्प्यूटर का ज्ञान रखने वाला होना चाहिए। प्रयोगशाला के लिए स्वयं सहायता समूह, कृषक उत्पादक समूह, प्राथमिक कृषि साख समिति का भी नामांकन किया जा सकता है।
2. अभ्यर्थी/ उद्यमी समूह का स्वयं का भवन अथवा किराए का भवन (कम से कम 4 वर्ष की लीज एग्रीमेंट) होना चाहिए।
इतनी दी जाएगी सहायता
1. वीएलएसटीएल की स्थापना के लिए योजना के तहत 1.50 लाख रुपए की एक-बारगी सहायता आवेदन के अनुमोदन होने के बाद भारत सरकार से बजट उपलब्ध होने के बाद दी जाएगी।
2.उद्यमी को राशि प्राप्ति के 15 दिवस के अंदर प्रयोगशाला उपकरणों, उपभोग्य सामग्री आदि के क्रय किए जाने की रसीद जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति को उपलब्ध करानी होगी।
इनका कहना है
मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला पंचायत समिति मुख्यालयों पर लगने से किसानों को लाभ होगा। युवाओं को रोजगार का अवसर भी मिलेगा।
ओमप्रकाश शर्मा, संयुक्त निदेशक, कृषि विस्तार, पाली