
पाली। मारवाड़-गोडवाड़ [ Marwar-Godwad ] में अटके हजारों बाहरी राज्यों के श्रमिकों [ Workers from outside states ] को अपने घर भेजने के लिए शनिवार को जोधपुर से सूरत के लिए स्पेशल श्रमिक ट्रेन [ Special Labor train ] चलाना तय हुआ, इसके लिए श्रमिकों को पाली रेलवे स्टेशन [ Pali Railway Station ] बुला भी दिया गया, लेकिन एन वक्त पर ट्रेन निरस्त [ Train canceled ] हो गई, इससे श्रमिकों का सपना फिर घर जाने का अधूरा रह गया। स्टेशन पर सारी तैयारियां धरी रह गई। जबकि करीब 1200 श्रमिकों ने इसके लिए ऑनलाइन आवेदन [ Online Application ] भी कर लिए थे, उनको अनुमति भी मिल गई थी।
बीच रास्तें से बसों को वापस भेजा
पाली, जालोर व सिरोही में बाहरी राज्यों के हजारों श्रमिक फंसे हुए है, राज्य सरकार ने उनको अपने घर भेजने के लिए जोधपुर से सूरत के लिए स्पेशल टे्रन चलाने का निर्णय किया। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन भी मांगे, करीब 1200 श्रमिकों ने इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किया। ट्रेन शनिवार रात ग्यारह बजे पाली रेलवे स्टेशन से रवाना करना तय किया गया, इससे पहले पाली रेलवे स्टेशन को सेनेटाइज किया। स्टेशन के बाहर सभी श्रमिकों की स्क्रीनिंग की व्यवस्था कर दी गई। पाली जिले के सुमेरपुर, रायपुर मारवाड़ व आस-पास इलाकों में फंसे श्रमिकों को बसों के द्वारा बुलाने का संदेश भेज दिया गया, वे रवाना भी हो गए। शाम करीब साढ़े छह बजे एनवक्त पर पाली कलक्टर अंशदीप ने इसे ट्रेन के निरस्त होने की खबर दी। इस पर रास्ते से ही श्रमिकों को वापस भेजा गया। स्टेशन पर सीओ सिटी नारायणदान, औद्योगिक क्षेत्र थानाधिकारी सवाई सिंह, शहर यातायात प्रभारी गीता सिंह, नगर परिषद के अधिकारी, पुलिस व प्रशासन के अन्य अधिकारी तैयारियों में जुटे दिखे। इस टे्रन के चलने आगामी तारीख फिलहाल तय नहीं हुई है।
प्रवासियों की लाने-भेजने के लिए डीआईजी टांक को पाली लगाया
कोविड-19 के तहत प्रवासी राजस्थानी लोगों के आने जाने की व्यवस्था के संबंध में डीआईजी अनिल टांक को अस्थाई तौर पर पाली में नियुक्त किया गया है। राज्य सरकार के आदेश अनुसार गृह विभाग ने पाली जिले में प्रवासियों व श्रमिकों के आने जाने की व्यवस्था के सुपरविजन के लिए डीआईजी अनिल टांक को अस्थाई तौर पर पाली लगाया गया है। डीआईजी टांक ने शनिवार को जिला कलक्टर अंशदीप से मुलाकात कर व्यवस्थाओं के संबंध में विचार विमर्श किया। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक राहुल कोटोकी व समाजसेवी रंजू रामावत भी मौजूद रहे। इसके बाद डीआईजी टांक वर्तमान में सर्किट हाउस में रूके लिए है।