
शहर के प्रताप नगर में मां-बाप के निधन के बाद अकेली रहने वाली चार बेटियों के सहायता व उनके चेहरों पर मुस्कान लाने को रोजाना शहरवासी पहुंच रहे है। बेटियों के घर पर शनिवार को नगर परिषद के पूर्व सभापति महेन्द्र बोहरा केक लेकर पहुंचे। उन्होंने अपने परिवार की खुशी में इन बेटियों को शामिल करते हुए उनके साथ केक काटा। उनको अपने हाथों से केक खिलाकर बोले, खुद को अकेला मत समझो। मैं पिता की तरह तुम्हारे साथ हूं। उन्होंने बालिकाओं को टीवी दी।
प्रताप नगर में बांगड़ स्टेडियम के सामने रहने वाली संगीता, नेहा, नीतू व रवीना के पिता रतन बंजारा भाटी व मां मैना देवी का निधन होने के बाद वे अकेली हो गई थी। उनकी पीड़ा को राजस्थान पत्रिका ने 17 जनवरी के अंक में मां-बाप को भगवान ने बुला लिया, अब बिलखती रहती है बेटियां...शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर उजागर किया। इसके बाद केबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत ने ट्वीट कर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को बेटियों की सहायता के निर्देश दिए। कई समाजिक संगठनों ने बेटियों को सम्बल दिया। तीन बेटियों का स्कूल में प्रवेश करवाया गया। अब नगर परिषद के पूर्व सभापति बोहरा ने उनके साथ खुशी के पल बिताए। इस दौरान राधेश्याम भाटी, खटीक समाज युवा अध्यक्ष तेजराज भीलवारा, विक्रमसिंह रावत, पिराराम बंजारा, लालाराम बंजारा, राजू नागौरा, कांतिलाल सामरिया, गोविन्द सामरिया, जिनेन्द्र मेवाड़ा, दिलीप नागौरा, तारू बंजारा व छगन मेघवाल आदि मौजूद रहे।