
पाली । शहर के मुख्य मार्गों व गली-मोहल्लों में श्वानों का खौफ है। अकेले बांगड़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पिछले आठ माह में दो हजार से अधिक लोग ऐसे पहुंचे हैं, जिनको श्वानों ने काटा है। जबकि श्वानों को पकडऩे के लिए नगर परिषद सभापति अपनी नाकामी बताते हुए शहरवासियों पर ही श्वानों के पकडऩे के विरोध करने का आरोप लगा रहे हैं। श्वानों का आतंक इस कदर है कि राह चलते लोगों को श्वान काट लेते हैं। वाहनों के पीछे भी श्वान भौंकते हुए काफी देर तक पीछा करते है। कई बार दुपहिया वाहन चालक नीचे गिर कर चोटिल हो जाते है। श्वानों के कारण हरदम दुर्घटना की आशंका रहती है। आंकड़ों की मानें तो रोजाना पांच से दस लोग श्वान के काटने से बांगड़ अस्पताल पहुंच रहे है
हर जगह श्वानों का आतंक
शहर के हर इलाके में श्वानों का आतंक है। कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है, जहां के लोग इनसे पीडि़त नहीं हो। मंडिया रोड के साथ हाउसिंग बोर्ड, मिल एरिया, पुलिस लाइन क्षेत्र, सूरजपोल क्षेत्र, भीतरी शहर, नगर परिषद भवन के आस-पास, बापू नगर व सब्जी मंडी सहित कई कॉलोनियों में श्वान से लोग परेशान है। विशेषकर बुजुर्ग व महिलाएं श्वानों की ज्यादा शिकार हो रही है।
शहरवासी ही करते हैं विरोध
श्वानों को नियमित रुप से पकड़ कर 20 किलोमीटर दूर ले जाकर छोड़ते हैं। श्वान पकडऩे के लिए अलग से गाड़ी बनवाई गई है। कई बार कॉलानी के लोग श्वानों को पकडऩे नहीं देते है। श्वान पकडऩे का विरोध करते है। शहर काफी बड़ा है। फिर भी प्रयास करेंगे कि श्वानों की वजह से लोगों को परेशानी नहीं हो। आए। -महेन्द्र बोहरा, नगर परिषद सभापति पाली
पैरावणी प्रथा को बंद करने का निर्णय
पाली। रोहट में मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज संस्थान की एक बैठक रविवार को हुई। बैठक में गंगा प्रसादी में लेण व पैरावणी प्रथा बंद करने का निर्णय किया गया। गंगा प्रसादी में दो से अधिक मिठाई नहीं बनाने का भी निर्णय हुआ। संस्था के संविधान बनाने को लेकर अंतिम रूप दिया गया। प्रतिभावान सम्मान समारोह करने व विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को फीस व स्टेशनरी आदि देने की बात कहीं गई। बैठक में जिलाध्यक्ष दुलीचंद मौसूण, गंगाविशन, रामरतन खजवाणिया, विजयराज, प्रवक्ता भगवती प्रसाद, मांगीलाल व पप्सा सहित कई जने मौजूद थे।