राजस्थान के पाली जिले के चोटिला गांव के प्रसिद्ध देवस्वरूप श्री ओम बन्ना सा की जयंती आज पूरे प्रदेश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जा रही है।
राजस्थान की मरुधरा रहस्यों और लोक देवताओं की कहानियों से भरी पड़ी है, लेकिन आधुनिक युग में जिस एक नाम ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है, वह है 'श्री ओम बन्ना सा'। आज उनकी जन्म जयंती के अवसर पर राजस्थान के पाली जिले का चोटिला गांव भक्ति के रंग में डूबा हुआ है। सुबह से ही मंदिर पर भक्तों का तांता लगा है और विशेष धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं।
ओम बन्ना सा की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राजस्थान की राजनीति के दिग्गज चेहरों ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें याद किया है:
गजेंद्र सिंह शेखावत: केंद्रीय मंत्री ने प्रदेशवासियों को जयंती की शुभकामनाएं देते हुए ओम बन्ना सा के आशीर्वाद की कामना की।
राजेंद्र राठौड़: पूर्व मंत्री ने उन्हें 'जनमानस की आस्था का केंद्र' बताते हुए कोटि-कोटि नमन किया।
मदन राठौड़ और दिया कुमारी: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री ने भी सुप्रसिद्ध देवस्वरूप को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
रविंद्र सिंह भाटी: विधायक भाटी ने उन्हें 'जन-जन का आराध्य' बताते हुए बधाई संदेश साझा किया।
ओम बन्ना सा की कहानी किसी फिल्म की पटकथा जैसी लगती है, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए यह अटल सत्य है। यहाँ उनके जीवन और मंदिर से जुड़ी 10 ऐसी बातें हैं जो आपको हैरान कर देंगी:
जयंती के मौके पर चोटिला धाम में भजन संध्या, भंडारा और पौधरोपण जैसे सामाजिक कार्य किए जा रहे हैं। स्थानीय युवाओं द्वारा सड़क सुरक्षा की शपथ भी ली जा रही है, जो ओम बन्ना सा के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
आज के वैज्ञानिक युग में भी, जब लोग तर्क की बात करते हैं, चोटिला की वह बुलेट विज्ञान को चुनौती देती नजर आती है। आखिर वो क्या शक्ति थी जो बिना ड्राइवर और बिना पेट्रोल के मोटरसाइकिल को थाने से निकालकर एक्सीडेंट वाली जगह ले आती थी? क्या यह केवल एक कहानी है या राजस्थान की मिट्टी का कोई अनसुलझा रहस्य?