स्पा संचालकों से बंधी लेने के मामले में गिरतार मनीष राठौड़ के खिलाफ दो और मामले दर्ज कराए गए। ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस थाने के तत्कालीन थानेदार की राजकॉप आइडी और पासवर्ड चुराने के आरोप में मामला दर्ज किया गया।
पाली। स्पा संचालकों से बंधी लेने के मामले में गिरतार मनीष राठौड़ के खिलाफ शनिवार को दो और मामले दर्ज कराए गए। ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस थाने के तत्कालीन थानेदार की राजकॉप आइडी और पासवर्ड चुराने के आरोप में मामला दर्ज किया गया। दूसरा मामला रोहट पुलिस थाने में बजरी परिवहन के लिए बंधी मांगने के आरोप में दर्ज हुआ है। इधर, कोतवाली पुलिस ने मौका तस्दीक के लिए बस स्टैंड के सामने आरोपी की पैदल परेड कराई और पूछताछ की।
सीओ सिटी जितेन्द्रसिंह राठौड़ ने बताया कि रिमांड के दौरान मनीष राठौड़ के मोबाइल की जांच की गई तो खुलासा हुआ कि उसने अपने मोबाइल में राजकॉप एप डाउनलोड कर रखा था। जिसमें वह तत्कालीन ट्रांसपोर्ट नगर थाना प्रभारी विक्रम सांदू की आईडी का उपयोग कर रहा था। यह एप पुलिसकर्मी ही उपयोग कर सकते हैं। तत्कालीन थानाप्रभारी विक्रम सांदू से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने अनभिज्ञता जताई। तत्पश्चात सांदू की रिपोर्ट पर आईडी और पासवर्ड चोरी के आरोप में ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया।
ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस ने बताया कि हाल फालना थानाप्रभारी विक्रम सांदू ने रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसमें बताया कि अक्टूबर 2021 से जून 2023 तक ट्रांसपोर्ट नगर में वह थानाप्रभारी थे। इस दौरान मनीष राठौड़ का थाने आना-जाना रहता था। इस दौरान उसने बिना अनुमति उसकी एसएसओ आईडी और पासवर्ड चुरा लिया। वह अपने मोबाइल में उनकी आईडी को यूज करने लगा। एसएसओ आईडी और पासवर्ड उसकी निजी डायरी में लिखा हुआ था। यह डायरी टेबल पर ही पड़ी रहती थी। मनीष ने उनकी अनुपस्थिति में आईडी और पासवर्ड डायरी से चुरा लिए और अपने मोबाइल में राजकॉप एप डाउनलोड कर उसमें उपयोग करने लगा।
पुराना हाउसिंग बोर्ड निवासी सतीश पुत्र जगदीश प्रसाद ने रोहट पुलिस थाने में रिपोर्ट दी। जिसमें बताया कि रमेश बंजारा के डपर का वह मुनीम है। रॉयल्टी की रसीद कटाकर बजरी पाली ले जाने के दौरान मनीष राठौड़ मिल गया। उसने अवैध बजरी परिवहन करने का आरोप लगाते हुए फोटो-वीडियो बनाए। वायरल करने की धमकी देकर प्रतिमाह 10 हजार रुपए की बंधी देने को कहा। मार्च 2024 तक चार महीने के 40 हजार रुपए बंधी के रूप में मनीष को दे चुका। उसके बाद बजरी का काम बंद कर दिया। इसके बाद बंधी नहीं दी तो मनीष नाराज हो गया। वह एक दिन खारड़ा टोल के निकट मिला। इस दौरान उसका दोस्त संतोषसिंह भी साथ था। उसके सामने मनीष ने बंधी मांगी तो उसने रुपए देने से इनकार किया। नाराज मनीष ने मारपीट की। इस संतोषसिंह ने बीच-बचाव किया। पुलिस ने सतीश की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।