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ये लोग किसी से नहीं डरते, जो धमका सकते हैं वे चुपचाप बैठे हैं

राजपुरा बान्ध की उपजाऊ मिट्टी की दिनदहाड़े चोरी, जिम्मेदारी मौन -बिना स्वीकृति के जेसीबी, डम्पर व ट्रैक्टरों में भरकर किया जा रहा अवैध परिवहन-जलसंसाधन, राजस्व, वनविभाग व पुलिस नहीं दे रही ध्यान
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May 17, 2019
pali patrika
ये लोग किसी से नहीं डरते, जो धमका सकते हैं वे चुपचाप बैठे हैं

सादड़ी. राजपुरा बान्ध से इन दिनों उपजाऊ मिट्टी जेसीबी से डम्पर व टैक्टरों में भरकर बाजारों में धडल्ले से ऊंचे दाम में बेची जा रही है। किसान बनकर समाजकंटक व अवैध खनन माफिया अपने खेतों में मिट्टी डालने के बहाने बांध जल भराव क्षेत्र में जमा मिट्टी खाली करने के नाम चांदी काट रहे हैं, दूसरी ओर जलसंसाधन विभाग, वन विभाग, पुलिस, राजस्व महकमे के जिम्मेउार जानकर भी बेखबर बने हुए हैं। जबकि सेली नाल बान्ध जल उपभोक्ता समिति ने बांध की उपजाऊ मिट्टी कमाण्ड के किसानों को बेचकर लाखों रुपए का राजस्व अर्जित कर राजकोष में जमा किया है। इससे बान्ध के विकास कार्य भी किए जा रहे हैं।

परशुराम महादेव सडक़ मार्ग पर अरावली पर्वतमालाओं की तलहटी में राजपुरा बान्ध सिंचाई का स्रोत है। इसकी 22 फीट भराव क्षमता है। इसके ओवरफ्लो होने पर सादड़ी, जाटों का गुड़ा, माण्ड़ीगढ़, अलसीपुरा व राजपुरा ग्राम की सिंचित 879 एकड़ कृषिभूमि में दो पाण सिंचाई होती है। इसके अलावा करीब 2 से 5 फीट पानी मवेशी, वन्यजीव व जलीय जीवों के लिए रिजर्व रहता है। पिछले कई दिनों से सक्रिय खनन माफिया जलभराव क्षेत्र में जमा मिट्टी खाली करने व स्वयं को कमाण्ड का किसान बताकर खेतों में डालने का कहकर मिट्टी का परिवहन कर रहा है। दरअसल यह मिट्टी ऊंचे मोल पर कृषि फार्म निर्माण व सुधार कार्यो में बेची जा रही है। इससे बान्ध संगम समिति व विभाग को किसी तरह का राजस्व नहीं मिल रहा है। एक ट्रेक्टर सादड़ी तक सप्लाई देने पर 800 से 1000 रुपए वसूले जा रहे हैं। ड़म्पर 8 से 12 हजार रुपए में बेचा जा रहा है। पिछले कई दिनों से यह अवैधानिक गतिविधि माफिया अपने पास विभागीय स्वीकृति होने का हवाला देकर कर रहा है, जबकि विभाग के अधिकारी बेखबर हैं।

यह है नियम
बान्ध कमाण्ड किसान ओवरफ्लो से 200 मीटर दूर बहाव क्षेत्र के आस-पास भराव क्षेत्र में 2 फीट तक खुदाई कर अपने खेतों में डालने को ले जा सकता है। किसान की खातेदारी जमीन जमाबन्दी पर रसीद कटेगी तभी वह किसान मिट्टी ले जा पाएगा। बाजार या फार्म हाऊस विकास में मिट्टी बेची नहीं जाएगी। 2 फीट से नीचे खुदाई नहीं की जा सकती है। जबकि यहां नियम ताक पर रखकर खुदाई की जा रही है। गुरुवार को बांध में 3-4 जेसीबी, 5-7 डम्पर व 15-20 ट्रैक्टर बांध से मिट्टी खुदाई व परिवहन में लगे रहे।

विभाग ने कोई स्वीकृति नहीं दी है
राजपुरा बान्ध से मिट्टी परिवहन को लेकर विभाग से किसी तरह की स्वीकृति नहीं दी गई है। ऐसी अवैध गतिविधि हो रही हैं तो नहर सुपरवाइजर को भेजकर रुकवाता हूं। बान्ध कमाण्ड किसान वह भी जल उपभोक्ता संगम समिति की सहमति से तय नियमों पर ले जा सकता है।

ताराराम गहलोत, सहायक अभियन्ता, जलसंसाधन विभाग, बाली

Published on:
17 May 2019 07:00 am