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आय दोगुनी करने के लिए आदिवासी इलाके में दिया प्रशिक्षण

कृषकों में पशु आहार, मिनरल मिक्सर समेत विभिन्न सामग्रीयों का वितरण
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Jun 25, 2019
patrika
कृषकों में पशु आहार, मिनरल मिक्सर समेत विभिन्न सामग्रीयों का वितरण

सुमेरपुर (निसं). राजकीय कृषि महाविद्यालय सुमेरपुर व कृषि विज्ञान केन्द्र सिरोही के तत्वावधान में संचालित राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत कृषकों की आय दोगुनी करने के लिए कृषकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अभियान के तहत कृषकों में पशु आहार, मिनरल मिक्सर समेत विभिन्न सामग्रीयों का वितरण किया गया।
कृषि महाविद्यालय सुमेरपुर के अधिष्ठाता डॉ. एसडी रत्नू ने बताया कि कृषकों की आय बढाने व दोगुनी करने के लिए आदिवासी इलाकों में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत चयनित कृषकों को उच्च गुणवत्ता की सौंफ प्राप्त करने के लिए थ्रैसिंग तिरपाल, टमाटर की सधाई के लिए जीआई तार व नीबंू के पुराने उद्यानों का जीर्णोद्धार करने के लिए संतुलित पोषण व कीटनाशक दवाईयां उपलब्ध करवाई गई। इसी योजना में सिरोही नस्ल की बकरी में नस्ल सुधार कार्यक्रम के तहत १२ प्रजनक नर बकरी पालकों को प्रदान किए। दुधारु पशुओं में दूध उत्पादन बढाने के लिए कृषकों को पशु प्रबंधन का प्रशिक्षण देकर पशु आहार व मिनरल मिक्सर का वितरण किया। योजना प्रभारी डॉ. राजूलाल भारद्वाज ने बताया कि चयनित किसानों को समन्वित कृषि पद्दति मॉडल लागू करने के लिए उन्हें प्रशिक्षित किया जाता हैं। जिससे कृषक खेती के साथ-साथ पशुपालन व उद्यानिकी का कार्य भी कर सके। कृषि विज्ञान केन्द्र के शस्य वैज्ञानिक डॉ आभा पाराशर ने कृषकों को प्रशिक्षण के दौरान खरीफ फसलों के उत्पादन की तकनीकि जानकारी देते हुए मूंग, तिल, मक्का व ग्वार की अधिक उपज प्राप्त करने के लिए उन्नत किस्में व खाद्य उर्वरक प्रबंधन की जानकारी दी। केन्द्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ सेवाराम कुमावत ने बताया कि इस योजना का कृषक प्रत्यक्ष लाभ ले रहे हैं। भविष्य में खेतों में समन्वित कृषि पद्दति के मॉडल का विकास होने से किसानों की आय दुगुनी होगी। प्रशिक्षण में कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर के प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ ईश्वरसिंह, कृषि महाविद्यालय जोधपुर के अधिष्ठाता डॉ उम्मेदसिंह व वैज्ञानिक डॉ दमाराम ने कृषकों को समन्वित कृषि पद्दति से होने वाले लाभ से अवगत करवाया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र सिरोही के वैज्ञानिक डॉ कामिनी पाराशर, डॉ रविन्द्र जैतावत, तकनीकि सहायक रतनसिंह, क्षेत्र सहायक मोहनलाल, हरपालसिंह व अनेकसिंह मौजूद थे।

Published on:
25 Jun 2019 06:05 am