जैतारण विधानसभा की पंचायतों को प्राथमिकता, रायपुर पंचायत समिति की 12 पंचायतें उपेक्षित
पाली/रायपुर मारवाड़। रायपुर पंचायत समिति को दो विधानसभाओं में बंटने का खमियाजा भुगतना पड़ रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने सोमवार को रायपुर पंचायत समिति के लिए जनसुनवाई रखी। इसमें केवल उन्हीं पंचायतों को बुलाया जो जैतारण विधानसभा क्षेत्र में शामिल है। रायपुर पंचायत समिति की 12 पंचायतों को जनसुनवाई से वंचित रखा गया। ये पंचायतें सोजत विधानसभा क्षेत्र में शामिल है। शेष रही पंचायतों के ग्रामीणों का कहना है कि मंत्री पूरे प्रदेश के हैं तो जनसुनवाई में सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा।
दरअसल, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के मंत्री गहलोत का विधानसभा क्षेत्र जैतारण है। इस विधानसभा क्षेत्र में जैतारण के साथ रायपुर पंचायत समिति क्षेत्र की 40 ग्राम पंचायतों में से 28 ग्राम पंचायतें शामिल है। शेष 12 पंचायतें सोजत विधानसभा क्षेत्र में आती है। मंत्री ने सोमवार को बर में जनसुनवाई का आयोजन किया, जिसमें रायपुर की 28 पंचायतों को ही आमंत्रित किया। शेष को नहीं बुलाया। जबकि, पंचायत समिति और उपखण्ड के अधिकारी वही है।
बर कस्बे में जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 150 परिवेदना प्राप्त हुई। 28 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण अपने अभाव अभियोग लेकर पहुंचे। इसमें पेयजल, बिजली, सड़कें, अतिक्रमण समेत विभिन्न समस्याएं खुलकर सामने आईं। राजस्व विभाग से जुड़ी 52, पंचायती राज की 20, सार्वजनिक निर्माण विभाग की 12, शिक्षा विभाग की 10, विद्युत विभाग की 6, पुलिस विभाग की 6 परिवेदनाएं प्राप्त हुई। मंत्री ने सभी अधिकारियों को जल्द से जल्द निस्तारण के निर्देश दिए।
ये बात सही है कि रायपुर पंचायत समिति की सभी 40 पंचायतों को जन सुनवाई में शामिल करना था, लेकिन 12 पंचायतें सोजत विधानसभा के अंतर्गत आती है। सोजत विधायक की अनुपस्थित में यह संभव नहीं था।
-अविनाश गहलोत, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री
बर में जनसुनवाई में रखी गई, इसकी मुझे कोई सूचना नहीं है। मेरे क्षेत्र की 12 ग्राम पंचायतें भी रायपुर पंचायत समिति में शामिल हैं। मुझे भी किसी ने कहा कि जनसुनवाई में 12 पंचायतों को शामिल नहीं किया।
-शोभा चौहान, विधायक, सोजत