पाली

कोरोना कम हुआ तो वायरल फीवर, शुगर व ब्लड प्रेशर ने उड़ाई नींद, रोजाना 1500 मरीज

- जिले के सबसे बड़े बांगड़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल की ओपीडी में भीड़- कोरोना के केस इक्का-दुक्का, अस्पतालों में सावधानी घटी

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Aug 18, 2021
कोरोना कम हुआ तो वायरल फीवर, शुगर व ब्लड प्रेशर ने उड़ाई नींद, रोजाना 1500 मरीज

पाली। कोरोना की दूसरी लहर के बाद पाली में वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम, शुगर-ब्लड प्रेशर व सामान्य बीमारियों के मरीज एकाएक बढ़ गए हैं। जिले के सबसे बड़े बांगड़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रोजाना 1500 ऐसे मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। कोविड कम होने के बाद अब ओपीडी में मरीजों की अधिक भीड़ देखी जा रही है, बच्चें भी वायरल फीवर, सर्दी व जुकाम की चपेट में आ रहे हैं। वहीं अस्पतालों में कोविड प्रोटोकोल को लोग भूल रहे हैं, खासकर मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग तार-तार है, इससे बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

तापमान में उतार-चढ़ाव, सबसे बड़ा कारण
इन दिनों अस्पताल में वायरल फीवर के मरीज सबसे अधिक आ रहे हैं, राहत की बात यह है कि इनमें से निमोनिया किसी का सामने नहीं आया है। मौसम में तापमान में उतार चढ़ाव व सर्द-गर्म के चलते ऐसा हो रहा है। चिकित्सकों ने अपील की है कि आमजन इसे गंभीरता से ले और इसके साथ खांसी आती है तो कोविड टेस्ट जरूर करवाए।

मारवाड़-गोडवाड़ में कोरोना के 11 एक्टिव केस
पाली जिले में फिलहाल मंगलवार को नया मरीज कोरोना सामने नहीं आया है। वर्तमान में पाली में कोरोना के 11 एक्टिव केस है। इन पर नजर रखी जा रही है। कोविड गाइड लाइन के पालना की अपील की जा रही है।

कोविड पॉजिटिव के गंभीर मरीजों को अब शुगर
अस्पताल में अब ऐसे मरीज सामने आ रहे है, जो कोरोना के गंभीर संक्रमण से ठीक हुए है। उन्हें अब शुगर हो गई है। वे इसके उपचार के लिए अस्पताल के चक्कर निकाल रहे हैं। वहीं ब्लड प्रेशर बढऩे के मरीज भी अधिक सामने आ रहे हैं।

ऑपरेशन व नेत्र मरीजों में इजाफा
अस्पताल में सामान्य ऑपरेशन शुरू होने से राहत मिली है। वहीं नेत्र विभाग की ओपीडी भी बढ़ी है। रोजाना पचास से अधिक मरीज नेत्र रोगियों के आ रहे हैं।

बच्चों का खास ख्याल रखें
मौसम में तापमान में उतार चढ़ाव के कारण वायरल फीवर के मरीज बढ़े हैं। स्कूलें खुलने वाली है, बच्चों का परिजन खास ख्याल रखें। उन्हें नाक व मुंह पर हाथ लगाने के बाद सेनेटाइज की आदत डाले, वायरल फीवर के साथ खांसी होने पर कोविड जांच करवाए। - लक्ष्मण सोनी, चेस्ट फिजिशियन, बांगड़ अस्पताल, पाली

Published on:
18 Aug 2021 11:05 am
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