पाली

Watch Video : राजस्थान के इस शहर में दर्जनों ऐसे संस्थान जहां 99 फीसदी महिला कर्मचारी

खुशखबर : महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम को आगे बढ़ा रहे उद्यमी, खोल रहे रोजगार के द्वार, हुनर के दम पर हासिल कर रही मुकाम

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Jul 30, 2024
पाली शहर के पुनायता औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री में सिलाई का कार्य करती युवतियां व महिलाएं।

पाली संभाग मुख्यालय पाली में अब नारी शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम तेज हो गई है। यहां उनके लिए रोजगार के असीमित अवसर सामने आ रहे हैं। कई उद्यमियों ने अपने उद्योगों में केवल महिलाओं को ही रोजगार के अवसर दिए हैं। पाली में ऐसे एक नहीं कई उदाहरण है जहां संस्थानों में महिलाएं बड़ी संख्या में कार्यरत हैं। पाली जैसे शहर में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

एक छत के नीचे 500 बेटियों को रोजगार

500 बेटियों को एक ही छत के नीचे रोजगार मिलना अपने आप में अनूठा है। शहर ही नहीं गांव की बेटियों को भी हुनरमंद बनाया जा रहा है। नारी शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने की यह मुहिम पाली में शुरू हुई है। पुनायता औद्योगिक क्षेत्र में हाल ही शुरू हुई एक कपड़ा इकाई में 98 फीसदी कार्मिक महिलाएं हैं। स्टेचिंग और सिलाई के काम में ज्यादातर महिलाओं को ही मौका दिया गया है। इसमें आस-पास के गांवों से भी महिलाएं और लड़कियां काम करने आती हैं। आवागमन के लिए बसें भी लगा रखी हैं।

उम्मेद मिल्स से 300 महिलाओं को मिला रोजगार, परिवार को दे रही हैं आर्थिक संबल

आजादी के समय की कपड़ा मिल महाराजा उम्मेद मिल्स 300 महिलाओं को सशक्त बना रही है। यहां पाली शहर और आस-पास के गावों की महिलाओं को रोजगार में प्राथमिकता दी गई है। मिल्स में 2200 श्रमिक कार्यरत है। इसमें 300 महिलाएं हैं। महिलाओं के लिए अलग से भर्ती की गई थी। उन्हें प्रशिक्षण दिया गया। अब वे अपने हुनर से घर-परिवार को आर्थिक संबल दे रही है। एक समय ऐसा भी था जब महिलाओं के सामने रोजगार के अवसर भी सीमित थे।

लघु भारती दे रहा संबल

लघु भारती उद्योग संस्था से करीब 500 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। उन्हें घरों पर ही सिलाई मशीनें और कपड़ा उपलब्ध कराया जा रहा है। सिलाई के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। लघु उद्योग भारती से जुड़ीसैकड़ों महिलाएं परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बना चुकी है।

2000 से अ​धिक महिलाओं को दे रहे सिलाई का प्र​शिक्षण

लघु उद्योग भारती की ओर से 2000 से अ​धिक महिलाओं को सिलाई का प्र​शिक्षण देकर सिलाई मशीनें उपलब्ध करवाई गई है। इसके अलावा मेहंदी व चूडिय़ों में नगीने लगवाने का कार्य भी सिखाकर आ​र्थिक शक्ति बनाया गया है। यह कार्य अभी निरंतर चल रहा है।

-विनय बम्ब, प्रांतीय महामंत्री, लघु उद्योग भारती, जोधपुर अंचल, पाली

Updated on:
30 Jul 2024 04:02 pm
Published on:
30 Jul 2024 03:54 pm
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