Rajasthan Rain Update : ग्रामीणों की प्यास बुझाने तथा सिंचाई के लिए 42 वर्ष पहले लीलड़ी नदी पर बना 350 मीटर लम्बा एवं 133.17 एमसीएफटी भराव क्षमता वाला बाबरा बांध इस बार अगस्त माह में मानसून अवधि के महज चार दिन में ही लबालब हो गया।
पाली। ग्रामीणों की प्यास बुझाने तथा सिंचाई के लिए 42 वर्ष पहले लीलड़ी नदी पर बना 350 मीटर लम्बा एवं 133.17 एमसीएफटी भराव क्षमता वाला बाबरा बांध इस बार अगस्त माह में मानसून अवधि के महज चार दिन में ही लबालब हो गया। हालांकि बांध के ओवरफ्लो होने में अब एक मीटर और पानी आना शेष है। इससे पहले वर्ष 1995, 1996 व 1997 में लगातार तीन साल ओवरफ्लो रहने वाला बाबरा बांध बीच के वर्षों में एक दशक तक रीता रहा।
जल संसाधन विभाग के अनुसार सताईस साल बाद में बांध में पानी का गेज 6.50 मीटर मापा गया है। बांध के पूर्ण भराव क्षमता 7.50 मीटर से महज एक मीटर पानी दूर है। जबकि जलभराव बांध के ओटा क्षेत्र तक पहुंच गया है। बांध में अब भी पानी की मंथर गति से आवक बनी हुई है।
बांध में पानी की अच्छी आवक होने से किसानों के चेहरे खिल उठे। हालांकि मंगलवार को जलग्रहण क्षेत्र में बारिश का दौर थमने के बावजूद बांध के ऊपरी क्षेत्र के ब्यावर खास के मकरेड़ा बांध पर एक इंच चादर चलने से बाबरा बांध में पानी की मंथर गति से आवक हो रही है।
बाबरा बांध के ऊपरी क्षेत्र में ब्यावर खास स्थित मकरेड़ा बांध के सोमवार को ओवरफ्लो होते ही इसका अपवर्तित पानी बाबरा बांध में पहुंच गया। जबकि इससे दो दिन पहले जलग्रहण क्षेत्र में हुई बारिश के पानी से बाबरा बांध में पानी डेड स्टोरेज पर पहुंचा था। सोमवार को मकरेड़ा की चादर चलने से पानी बाबरा बांध का गेज बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
बांध में पानी की अच्छी आवक होने पर मंगलवार को रायपुर एसडीएम पूरणकुमार ने बांध के गेज, ओटा व पाल की सहायक अभियंता राघव सोनी व कनिष्ठ अभियंता नवरतन गुरलिया से जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए। बांध पर सुरक्षा प्रबंधन को पुख्ता करने के निर्देश दिए। दिनभर एईएन सोनी, जेईएन गुरलिया बाबरा बांध के गेज, पाल, ओटा सहित क्षेत्र का जायजा लेते रहे। एसडीएम के निरीक्षण के दौरान देवेन्द्रसिंह गोपालपुरा, कार्मिक श्रवणसिंह सहित मौजूद रहे।
बाबरा बांध में जल की अच्छी आवक होने पर लोग बड़ी संख्या में बांध को देखने के लिए पहुंच रहे हैं। नागरिकों की सुरक्षा के मध्यनजर बाबरा चौकी से आरक्षी गिरधारीलाल मीणा व आरक्षी सतीश परमार बांध की पाळ पर तैनात रहे। वहीं, रायपुर उपखण्ड अधिकारी पूरण कुमार ने बताया कि बाबरा बांध में पानी की वर्षों बाद अच्छी आवक हुई है। मौके पर पहुंचकर सुरक्षा प्रबंधन के प्रभावी उपाय बरतने को लेकर निर्देश दिए हैं।