
पाली। पश्चिमी राजस्थान के मरुसागर जवाई बांध (Jawai dam) में इन्द्र की बेरुखी से पानी समाप्त हो जाने के कारण पाली शहर के लिए जोधपुर से वाटर ट्रेन से पानी मंगवाना पड़ रहा है। वह भी शहरवासियों की मांग को पूरा करने में समर्थ साबित नहीं हो रही। जलदाय विभाग (PHED PALI) ने रेलवे से चार फेरे में 50 वैगन की सहायता से 100 लाख लीटर पानी पाली तक लाने का पत्र लिखा था, लेकिन दूसरे दिन भी पाली सुबह 8.45 बजे 30 वैगन की वाटर ट्रेन पाली पहुंची। जिससे पहले दिन जितना ही 15 लाख लीटर पानी पाली पहुंचा। इसके बाद ट्रेन के वापस जाने पर वह रात नौ बजे तक जोधपुर में भरी जा रही थी।
मांगी थी दो वाटर ट्रेन (Asked for two water train)
पाली के लिए इससे पहले तीन बार वाटर ट्रेन चलने के कारण जलदाय विभाग के अधिकारियों के इसके भरने व पाली आकर खाली होने के समय का पता था। इस कारण उन्होंने रेलवे से दो वाटर ट्रेन देने की मांग की थी। ताकि पाली तक चार फेरे आसानी से हो सके।
वाटर ट्रेन के भरने व खाली होने का गणित
जोधपुर में एक वाटर ट्रेन भरने में करीब चार घंटे लग रहे है। इतना ही समय पाली में उसे खाली करने में लग रहा है। ऐसे में एक वाटर ट्रेन को 8 घंटे तो भरने व खाली होने में लग रहे है। ऐसे में वह दो फेरे से ज्यादा नहीं कर सकेगी।
70 लाख लीटर पानी पहुंच रहा कम
वाटर ट्रेन के दूसरे दिन दो फेरे करने के कारण पाली तक 15-15 लाख लीटर पानी पहुंचा। इस 30 लाख लीटर पानी को सुभाष नगर वाटर वक्र्स के पीछे हौदियों में खाली कर भैरूघाट तक लाया गया। यहां से फिल्टर कर आपूर्ति की गई।
यूं चली वाटर ट्रेन
सुबह 5.40 बजे सुबह जोधपुर से चली थी ट्रेन
सुबह 8.45 बजे शुक्रवार को पहली वाटर ट्रेन पाली पहुंची
दोपहर 12.45 बजे तक ट्रेन के वैगन किए गए खाली
रात 8.50 बजे जोधपुर में दूसरी वाटर ट्रेन के वैगन भरे
रात 10.17 बजे जोधपुर से दूसरी वाटर टे्रन निकली
इनकी जुबानी
प्रक्रिया में देरी हो जाती है। देर रात तक हमने दूसरा फेरा रवाना किया है। अभी 30 वेगन ही मिले है।
नीरज माथुर, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, जलदाय विभाग, जोधपुर।