
पाली/मांडा। जिले के मांडा ग्राम पंचायत के फुलिया गांव में बुधवार को महिलाओं ने पुरानी परम्परा को तोड़ दिया। महिलाएं पुरुषों के साथ अंतिम यात्रा में शामिल होकर श्मशान पहुंची।
गांव में छैलाराम पुत्र केसाराम का निधन हो गाया। उनकी शव यात्रा रवाना होने पर महिलाएं भी उसमे शामिल हुई। मृतक के घर में शोक की लहर जरूर थी, लेकिन किसी ने विलाप नहीं किया। मौन रहते हुए मृतक के आत्मा की शांति के लिए श्रद्धासुमन अर्पित किए। मृतक के बड़े पुत्र गोविंद दास व रामेश्वर दास ने बताया कि भारतीय संस्कृति में आत्मा को अजर अमर बताया गाय है। शास्त्रानुसार महज शरीर नष्ट होता है।
इसी धारणा को मानते हुए शोक जरूर हुआ, लेकिन विलाप नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि मृत्यु भोज को भी बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। महिलाओं के शव यात्रा में शामिल होकर श्मशान जाने से भी पुरानी परम्परा को तोड़ा गया। शव यात्रा में रामेश्वर दास, ऋतुराज, सोहन दास चुंडावत, गोविंद दास, विजय सिंह दास, सूरज दास व मंगलाराम के साथ मृतक के परिजन शामिल थे।