घर के 24 किलो मीटर दूर रातभर अजयगढ़ बस स्टैंड के पड़ा रहा, चाइल्ड लाइन ने कउंसलिंग करके घर तक पहुंचाया गुस्साएं बालक को।
पन्ना. जिले के अजयगढ़ क्षेत्र के ग्राम बरियारपुर निवासी एक 12 साल के बच्चा महज इसलिये घर से भाग गया क्योंकि उसे मां ने डॉट दिया था। मां की डॉट पडऩे के बाद बगैर किसी को बताए वह बच्चा करीब 24 किमी. दूर अजयगढ़ बस स्टैंड पहुंच।
यहां वह पूरी रात अकेला पड़ा रहा। बस स्टैंड के लोगों ने बच्चे के संबंध में चाइल्ड लाइन को जानकारी दी। इसके बाद चाइल्ड लाइन की टीम ने मौके पर पहुंचकर बच्चे से पूछताछ की। पूरा माजरा समझने के बाद टीम के लोगों ने बच्चे की काउंसलिंग करके उसे वापस घर जाने के लिय मनाया और घर लेजाकर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
टाइल्ड लाइन के हिमांशु गुप्ता और तेजभाने बागरी ने बताया, उन्हें अजयगढ़ बस स्टैंड के दुकानदारों ने एक करीब 12 साल के बच्चे के यहां रात से बैठे होने की जानकारी दी थी। जानकारी मिलने के बाद दोनों लोग बस स्टैंड पहुंचे बच्चे से मिलकर जानकरी ली। जिसमें बच्चे ने टीम के लोगों को बताया, वह और उसका भाई आपस में लड़ रहे थे। लड़ाई को लेकर म मी ने दोनों लोगों को खूब डांटा। इससे वह घर छोड़कर भाग गया।
रुपए नहीं थे तो कहीं नहीं गया
बच्चे ने बताया कि वह पूरी रात यही रुक था। कुछ खाने के लिए रुपए तक नहीं थे उसके पास। टीम की समझाइश के बाद यह बच्चा अपने गांव वापस म मी-पापा के साथ जाने को तैयार हो गया।
बच्चे ने टीम के लोगों को बाताया, उसने रास्ते में तीन-चार लोगों को रोका था, लेकिन कोई वाहन नहीं रुका तो वह पैदल ही चला गया। बच्चे के पास एक भी रुपए नहीं थे। उसने बताया, रुपए नहीं थे, इसलिए कहीं नहीं गए। रुपए होते तो कहीं जाते। टीम के लोगों ने समझाइश देकर उसके घर पहुंचे और परिवार के लोगों को भी बच्चों के साथ मारपीट नहीं करने की समझाइश दी। टीम की समझाइश के बाद बच्चे के परिवार के लोग भी आगे से इस प्रकार से डाट-डपट और मरपीट नहीं करने की बात कही।
परिवार के लोगों का था बुरा हाल
मां की डांट के बाद बच्चे के घर से अचानक गायब होने के बाद से उसके परिवार के लोगों का बुरा हाल था। परिवार के लोग पूरे गंाव में तलाश कर लिया था। उसके परिवार के लोग अजयगढ़ बस स्टैंड भी बच्चे को तलाशन आए थे, लेनिक उसका कहीं पता नहीं चला था। दूसरे दिन भी चाइल्ड लाइन की टीम जब बच्चे के लेकर घर पहुंची तो उसके परविार के लोग उसकी तलश में निकलने वाले थे। बच्चे को देखते ही मां ने उसे अपने सीने से लगा लिया। बच्चे के पाकर मां की आखों से आंसू निकल आए।
वर्सन
बच्चे फूल की तरह कोमल होते हैं। माता-पिता को बच्चों के साथ बहुत ही मधुर संबंध रखने चाहिये।अभिभावकों को चाहिये की वे घर में खासकर बच्चों के सामने किसी भी प्रकार के लड़ाई-झगड़े नहीं करें। बच्चे अभिभावकों को दे ाकर ही सीखते हैं। अभिभावकों को बच्चों के व्यवहार में आने वाले बदलावों का भी ध्यान रखना चाहिये।
सुदीप श्रीवास्तव, सदस्य सीडब्ल्यूसी