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मध्यप्रदेश के पन्ना में हैजा का प्रकोप, 3 की मौत, प्रशासन बता रहा नेचुरल डेथ

फैली बीमारी: पंचायत भवन में जमीन में दरी-चादर बिछाकर इलाज, खमतरा में दूषित पानी पीने से उल्टी-दस्त, तीन दर्जन बीमार

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सतना

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Suresh Mishra

Aug 25, 2018

cholera in Panna madhya pradesh, Administration called Natural death

cholera in Panna madhya pradesh, Administration called Natural death

पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में हैजा के प्रकोप के चलते तीन लोगों की मौत का मामला सामने आया है। बताया गया कि जिला प्रशासन और स्थानीय सरपंच नेचुरल डेथ बता रहे है। उनका मानना है कि दो लोगों की डेथ नेचुरल है। जबकि तीसरे सदस्य की मौत अज्ञात बीमारी के चलते हुई है। हैजा के प्रकोप की आशंका को देखते हुए सीएमएचओ ने गांव का निरीक्षण कर इलाज करा रहे लोगों से हालचाल जाना है। फिलहाल तीन दर्जन पीडि़तों का पंचायत भवन में अस्थायी वार्ड बनाकर पांच दिन से उपचार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग स्थिति नियंत्रण में बता रहा है। ये पूरा मामला शाहनगर क्षेत्र के ग्राम खमतरा का है।

ये है मामला
जानकारी के अनुसार, बारिश के बाद गांव का पानी दूषित हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के अमले द्वारा गंदे पानी को साफ करने के लिए क्लोरीन की दवा आदि का वितरण नहीं किया गया। जिससे दूषित पानी पीने से लोग एक-एक करके बीमार होने लगे। अधिक लोगों के बीमार होने पर जब परिजन शाहनगर और कटनी पहुंचने लगे तब स्वास्थ्य विभाग को जानकारी हुई। इसके बाद दीनदयाल चलित अस्पताल गांव भेजकर तीन दिनों से बीमारों का इलाज किया जा रहा है।

19 अगस्त से बीमारी की शुरुआत
सूत्रों की मानें तो शाहनगर क्षेत्र के ग्राम खमतरा में दूषित पानी पीने से दर्जनों लोग उल्टी दस्त से बीमार हो गए। यहां 19 अगस्त से बीमारी का सिलसिला शुरू हुआ। गंभीर रूप से बीमार कुछ लोग जिला अस्पताल पन्ना में इलाज कराने के लिए पहुंचे, कुछ कटनी जिला अस्पताल चले गए। गंभीर बीमारी की भनक लगने के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है। जिला प्रशासन हैजा का प्रकोप नहीं माना रहा बल्कि साधारण उल्टी दस्त की बात कर रहा है।

ये हुए बीमार
ग्राम खमतरा में जो उल्टी दस्त से पीडि़त पाए गए हैं। उनमें रमाकांत पिता नारायण सिंह (22) , रजनी बाई कोल पति हरछट कोल (50), अशोक कोल पिता श्याम लाल कोल (45), राधा कोल पति मूज्जु कोल (30), चन्दा रानी कोल पति करन कोल (25), मंत्री सिंह पिता मुलिया राठौर (60), नंदी पिता गुजिंया (55), मोनिका पिता चमन (4), विनय पिता चमन (5), गीता बाई सतई बसोर (33), रामजनी राठौर पति किशन राठौर (30), लोकेन्द्र पति किशोरी सिंह (40), सीलू पति सिद्धमान सिंह (34), चन्द्रवति पति जयदीप सिंह (23), संगीता पति राजू (18), उषा पति सिद्धमान सिंह (18), सोनू पिता भजन (14), कौशल्या पति गोविन्द सिंह (19), उजयार सिंह पतिऊधम सिंह (25), धूप सिंह पिता ऊधम सिंह (50), प्रकाश सिंह पिता जगदीश सिंह(30), गौरैया सिंह पिता जगदीश सिंह (35), प्रहलाद सिंह बाबू सिंह (55), चन्दा पति करन कोल (24), जित्तु पिता हरछट लाल (25), राधा पिता सुम्मू कोल (25), सुदामा पिता हरछट (24), परषोत्तम पिता रूद्दे (80) और शंकर सिह पिता किशोरी सिंह सहित तीन दर्जन बीमार है।