एक दिन पूर्व बढ़ाई गईं एमए की सभी सीटें दोपहर १२ बजे तक ही हो गई थीं फुलप्रवेश के वंचित रहे छात्रों ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन
पन्ना. जिले के सबसे बड़े छत्रसाल कॉलेज में कॉलेज लेबिल काउंसलिंग (सीएलसी) के दूसरे चरण के तहत बढ़ी हुई ढाई सौ से भी अधिक सीटों पर प्रवेश को लेकर बुधवार को दिनभर हंगामे के हालात बने रहे। एमए के पांच विषयों के लिए बढ़ाई गई सभी सीटें दोपहर १२ बजे तक भर चुकी थीं और उनकी फीस भी जमा हो गई थी। इसके बाद भी सैकड़ों लोग प्रवेश से वंचित रहे गए। इन छात्र-छात्राओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन से कॉलेज में सीटें बढ़ाए जाने की मांग की। कलेक्टर के आश्वासन के कुछ ही मिनटों बाद पोर्टल में एमए के पांचों विषयों में १५-१५ सीटें फिर बढ़ गई थी, इनमें शाम चार बजे से प्रवेश शुरू हुआ और पांच बजे तक हिंदी की सभी सीटें भर गई। इसक बाद भी कई छात्र प्रवेश से वंचित रह गए।
गौरतलब है कि छत्रसाल कॉलेज जिले का एकमात्र कॉलेज है जहां ऑर्ट, कामर्स और विज्ञान तीनों संकायों के विषयों की स्नात्कोत्तर स्तर की पढ़ाई होती है। यही कारण है कि यहां स्नात्कोत्तर कक्षाओं में प्रवेश के लिए जिलेभर के छात्र-छात्राएं बड़ी उम्मीद के साथ आते हैं। सीएलसी लेबिल के द्वितीय चरण की काउंसलिंग में २५ फीसदी सीटें बढ़ाई गई थी, जिनमें प्रवेश की अंतिम तिथि 12 सितंबर थी, लेकिन ये सभी बढ़ी हुई सीटें 7 सितंबर की दोपहर तक ही भर गई थीं। इससे सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं प्रवेश से वंचित रह गए थे। प्रवेश से वंचित छात्र-छात्राओं ने प्राचार्य कक्ष में घुसकर नारेबजी करने के साथ ही कॉलेज के बाहर चक्काजाम आंदोलन कर दिया था। करीब आधे घंटे बाद एसडीएम ने मौैके पर पहुंचकर सीटें बढ़ाए जाने का भरोसा दिलाया था, इसके बाद आंदोलन खत्म हो गया था।
बढ़ाई गई थीं ढाई सौ से अधिक सीटें
छात्रों के आंदोलन के बाद शासन की ओर से कॉलेज प्रबंधन द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार विभिन्न कक्षाओं में २७९ सीटें बढ़ाई गई थंी। जिनमें प्रवेश प्रक्रिया बुधवार की सुबह से शुरू हुई। प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही कॉलेज में सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं एकत्रित हो गए थे। दोपहर करीब १२ बजे तक एमए की कक्षाओं के लिए बढ़ाई गई सभी सीटें फुल हो गई। इससे कॉलेज प्रबंधन ने दोपहर एक बजे के बाद एमए की कक्षाओं में प्रवेश लेना बंद कर दिया था। सीटें फुल होने के बाद भी सैकड़ों की संख्या में ऐसे छात्र थे जो प्रवेश से वंचित रह गए।
प्रवेश से वंचितों ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन
प्रवेश से वंचित रह गए एक सैकड़ा से अधिक छात्र-छात्राएं दोपहर में कलेक्ट्रेट पहुंचे और सीटें बढ़ाए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। जिला प्रशासन की ओर से अधिकारियों द्वारा प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं से चर्चा कर सीटें फिर से बढ़ाने का आश्वासन दिया गया है। साथ ही बढ़ी हुई सीटों में आज ही प्रवेश देने की बात कही गई। प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं के कलेक्ट्रेट से वापस कॉलेज तक पहुंचने तक नाटकीय रूप से पोर्टल में एम के सभी पांच विषयों हिंदी, अंग्रेजी, राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र और इतिहास विषय में १५-१५ सीटें बढ़ी हुई दिखाई देने लगीं। कलेक्टर के निर्देश पर शाम चार बजे से इन बढ़ी हुढ़ी हुई सीटों पर फिर प्रवेश प्रकिया शुरू हो गई। शाम पांच बजे हिंदी विषय की सभी बढ़ हुई सीटें फुल हो गईं।