मप्र के पन्ना जिले के वन परिक्षेत्र पवई में तेंदुए का फंदा लगाकर शिकार करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पन्ना। दक्षिण वन मण्डल पन्ना वन परिक्षेत्र पवई से एक किमी दूर सुरकहाई हार में तेंदुए का फंदा लगाकर शिकार कर लिया गया था। मामले में वन विभाग के अमले ने तेंदुए के शिकार के आरोप में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनसे शिकार के लिए उपयोग सामग्री भी बरामद कर ली गई है। गौरतलब है कि वन परिक्षेत्र पवई से एक किमी दूर सुरकहाई हार में एक तेंदुए का शिकार होने का मामला सामने आया था।
मामले की जानकारी लगने के बाद एसडीओ, डीएफओ, सीसीएफ सहित वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा था। तेंदुए को कब्जे में लेकर पीएम कराया गया था। साथ ही डॉग स्क्वाड टीम सतना द्वारा घटनास्थल पर सर्चिंग की गई, जिसमे संदेह के आधार पर वन विभाग द्वारा कुछ संदेहियों को पकड़ा गया था। जिनमें से आरोपी बालकिशुन आदिवासी पिता भरोसा आदिवासी (50) निवासी मोहन्द्रा, राकेश आदिवासी पिता बखतिया आदिवासी निवासी बेहरखेरा, तीरथ पिता सरमन आदिवासी निवासी बेहरखेरा को पकड़ा गया था। जिन्होंने पूछताछ के बाद ***** का शिकार करने के लिए तार का फंदा लगाए जाने की बात कबूल कर ली। आरोपियों ने बताया कि उनके फंदे में ***** के बजार तेंदुआ फंस गया, जिससे उसकी मौत हो गई। उसके तड़पने की आवाज सुनकर तीनों आरांपी तेंदुए के पास गए जहां वह क्लच वायर के फंदे में फंसा मिला।
रात में ही फंदा काटकर भाग गए थे आरोपी
पूछताछ में आरोपियों ने बताया, तेंदुए को पत्थर मारकर उसके जीवित नहीं होने की पुष्टि की गई। पत्थर लगने के बाद भी किसी प्रकार की हरकत नहीं होने पर क्लच वायर के फंदे को प्लास एवं कुल्हाड़ी से काटकर वहां छोड़कर भाग गए। गौरतलब है कि घटना 17 दिसम्बर को हुई और वनविभाग को इसकी सूचना 19 दिसंबर को मिली। आरोपियों को 21 दिसंबर को पकड़ा गया। दक्षिण वन मण्डल में २० दिनों में दो तेंदुओं का शिकार होने से आरोपियों को पकडऩे के लिए विभाग पर दबाव था।