हत्या के करीब दो साल पुराने मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार कोष्टा ने सुनाया फैसला, साक्ष्य के आभाव में एक आरोपी दोषमुक्त।
पन्ना. जिले के अजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम गुमानगंज में जमीन विवाद को लेकर गोली मारकर हत्या करने के दो साल पुराने मामले में तीन लोगों को आजीन कैद की सजा सुनाई गई है।
सहायक जिला लोकअभियोजन अधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने बताया, जमीन विवाद को लेकर ग्राम गुमानगंज में 18 दिसंबर 2016 की सुबह संतू कुशवाहा अने खेत में चारा काट रहा था। इसी दौरान आरोपी रूपा कुशवाहा पिता रामचरण कुशवाहा (32) निवासी ग्राम गुनामगंज थाना अजयगढ़, बेनी कुशवाहा पिता बदलू कुशवाहा (26) निवासी ग्राम गुमानगंल थाना अजयगढ़, नत्थू कुशवाहा पिता दरबारी लाल कुशवाहा (५०) निवासी ग्राम गुमानगंज थाना अजयगढ़ और रामेश्वर यादव संतू को दौड़ा रहे थे। इसी बीच आरोपी रामेश्वर ने संतू को लात मारकर गिरा दिया। संतू के गिर जाने पर आरोपी नत्थू कुशवाहा ने उसे दबोच लिया और आरोपी बेनी कुशवाहा ने बंदूक से गोली मारी। गोली संतू के दाहिने हाथ में लगी । दूसरी गोली आरोपी रूपा ने सिर में मारी।
आरोपीगणों ने दो फायर और किये । संतू को मरा समझकर चारो आरोपीगण वहॉं से भाग गए। संतू के माथे मे चोट थी और खून बह रहा था। गोली लगने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी। जिसकी शिकायत भगवानदास पिता घनश्याम कुशवाहा (३२) निवासी ग्राम गुमानगंज ने अजयगढ़ थाने में दर्ज कराई थी। जिसमें उसने पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया, गोली मारते हुये मैनें, राजू एवं भाभी पार्वती ने देखा था। चारों आरोपीगणों ने जमीनीं बुराई पर से मेरे भाई की गोली मारकर हत्या कर दी है।
इसके बाद मेरे भाई राजेश ने डायल 100 को सूचना दी। तब पुलिसवाले मौके पर आये और मौके पर ही मैने घटना की रिपोर्ट लेख कराई थी। तब मौके पर पुलिस वालों ने देहाती नालिसी लेख की थी। घटना में आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपियों को गिर तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने हत्या करने की बात कबूल कर ली थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से १२ बोर की बंदूक भी जब्त की थी। शासन की ओर से उक्त प्रकरण को जघनय अपराधों की श्रेणी में चिन्ह्ति कर लगातार मॉनीटरिंग भी की जा रही थी।
प्रकरण में दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार कोष्टा ने आरोपी रूपा कुशवाहा पिता रामचरण कुशवाहा को धारा 302 आईपीसी में आजीवन कारावास और 5000 रूपये अर्थदण्ड और आ र्स एक्ट में 2 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रूपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई। इसी तरह से अभियुक्त बेनी कुशवाहा पिता बदलू कुशवाहा ाके आईपीसी की धारा 302 आईपीसी तके आजीवन कारावास और 5000 रूपये अर्थदण्ड औरधारा 25/27 आ र्स एक्ट में 2 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रूपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई।
अभियुक्त नत्थू कुशवाहा पिता दरबारी लाल कुशवाहा को 302 आईपीसी में आजीवन कारावास और 5000 रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि एक अन्य आरोपी को साक्ष्य के आभाव में दोषमुक्त कर दिया गया है।