पहले बड़े हीरे 14.98 कैरेट वाले कि, अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ बताई जा रही है, तो वहीं 7.44 कैरेट वाले हीरे की कीमत 35 लाख से अधिक आंकी गई है।
पन्ना/ मध्य प्रदेश के हीरों की नगरी पन्ना इन दिनों बेशकीमती हीरा उगल रही है। आज एक ही दिन में पन्ना के हीरा कार्यालय में दो बड़े हीरे जमा किये गए हैं। इनमें पहले बड़े हीरे का कैरेट 14.98 है, जबकि दूसरे हीरे का कैरेट 7.44 है। पहले बड़े हीरे 14.98 कैरेट वाले कि, अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ बताई जा रही है, तो वहीं 7.44 कैरेट वाले हीरे की कीमत 35 लाख से अधिक आंकी गई है। आज हीरा कार्यालय में दो बड़े हीरे जमा होने से आज का दिन दो मजदूरों के लिए दिवाली से पहले खुशियां लेकर आया है।
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चमकी मजदूरों की किस्मत
मध्य प्रदेश का पन्ना जिला वैसे तो बेशकीमती हीरों के लिए देश दुनिया में विश्व विख्यात है। पन्ना की रतनगर्भा धरती से इन दिनों दिवाली से पहले बेशकीमती हीरे निकल रहे हैं। आज पन्ना की रत्नगर्भा धरती ने दो मजदूरों की किस्मत को भी चमका दिया है और हीरा कार्यालय में दो बड़े हीरे जमा हुए हैं, जिसमें पहला बड़ा हीरा कृष्ण कल्याणपुर पटी की उथली खदान से 14. 98 कैरेट का हीरा मिला है और दूसरा बड़ा हीरा जरुआपुर की उथली हीरा खदान से 7.44 कैरेट का मिला है। दोनों हीरो की कीमत की अगर बात करें, तो 14. 98 कैरेट वाले हीरे की कीमत लगभग एक करोड़ रुपए बताई जा रही है। वहीं, 7.44 कैरेट हीरे की कीमत लगभग 35 लाख से ज्यादा बताई जा रही है।
मजदूरों के लिए दिवाली का तोहफा साबित हुए हीरे
आज जिन दो मजदूरों को हीरे मिले हैं, उनमें से कृष्ण कल्याणपुर की उथली हीरा खदान से 14.98 कैरेट का हीरा पाने वाले लखन सिंह यादव के परिवार की स्थिति बेहद गंभीर थी। इसके पहले उन्होंने बताया कि, वो लगभग 20 साल से खदान में काम करते आ रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी जाकर बड़ा हीरा मिला है। इसी तरह 7.44 कैरेट हीरा पाने वाले मजदूर दिलीप मिस्त्री ने बताया कि, वो 6 महीने से लगातार जरुआपुर की हीरा खदान में काम कर रहे हैं और उन्हें आज 7.44 कैरेट का हीरा प्राप्त हुआ है। इससे पहले उन्हें यहां से चार छोटे आकार के हीरे भी यहां से मिल चुके हैं। लेकिन ये पहली बार है, जब उन्हें बड़ा हीरा मिला है।
पिछले कुछ दिनों में कई मजदूर हुए मालामाल
खदान में काम करने वाले खदान संचालक दिलीप मिस्त्री के साथ चार अन्य साथी भी खदान में पार्टनर थे। इसलिए आज खदान संचालकों की खुशी समा नहीं रही है। उनके लिए आज बेहद खुशी का दिन है। पन्ना की धरती लगातार दिवाली से पहले मजदूरों की किस्मत चमका रही है। क्योंकि, इससे पहले लॉकडाउन के दौरान 21 जुलाई को लॉक डाउन के दौरान सरकोहा स्थित रानीपुर ग्राम के निजी क्षेत्र की खदान में खुदाई कर रहे मजदूर को भी उज्ज्वल किस्म का एक 10 कैरेट 69 सेंट का एक हीरा मिल चुका है, जिसकी अनुमानित कीमत 50 लाख से अधिक थी।
वहीं, इसके कुछ ही दिनों बाद रत्नगर्भा धरती से एक मजदूर को एक-दो नहीं बल्कि तीन बेशकीमती हीरे मिले थे। हीरों का वजन करीब 7.5 कैरेट था, जिसकी कीमत 20 से 30 लाख रुपए आंकी गई थी। वहीं, बीते 29 अक्टूबर को भी एक बार फिर मजदूर को पन्ना की हीरा खदान में से एक 7.2 कैरेट का हीरा मजदूर की झोली में गिरा, जिसकी कीमत करीब 35 लाख रुपए आंकी गई थी।