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एमपी के 8 गांवों में हुआ कमाल, किसानों के खातों में सरकार ने डाले 1 अरब 91 करोड़ रुपए

Panna- मझगांय एवं रुंज मध्यम सिंचाई परियोजना के प्रभावितों के मुद्दों के निराकरण के लिए समिति गठित, प्रभावित ग्रामीणों, किसानों के हितों का रखा जाएगा पूरा ध्यान

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Panna Project News (File Photo)

Panna- एमपी के पन्ना जिले में निर्माणाधीन मझगांय एवं रूंज मध्यम सिंचाई परियोजनाओं के कारण कुछ गांवों के लोगों को भरपूर मुआवजा मिला। इनमें से ज्यादातर किसान हैं। सरकार ने उनके खातों में 1 अरब 91 करोड़ रुपए से अधिक राशि डाली। मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना से प्रभावित गांवों के किसानों व अन्य ग्रामीणों को यह लाभ मिला। रुंज मध्यम सिंचाई परियोजना के प्रभावितों को भी सरकार ने मुआवजा दिया है। हालांकि दोनों परियोजनायों से प्रभावितों के कुछ मामले अनसुलझे हैं। इनके निराकरण के लिए राज्य सरकार ने पहल की है।

मझगांय एवं रुंज मध्यम सिंचाई परियोजना के प्रभावितों के मुद्दों के निराकरण के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर समिति गठित की गई है। यह राज्यस्तरीय समिति डूब प्रभावितों से चर्चा कर विस्थापन, भू-अर्जन एवं परिसंपत्तियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को सुलझाएगी।

राज्य सरकार द्वारा गठित की गई समिति प्रभावितों की समस्याओं के निराकरण के लिए प्रयास करेगी। विभिन्न मुद्दों पर प्रभावितों से चर्चा करेगी और उनके हित में शासन को प्रतिवेदन देगी। गठित समिति में अध्यक्ष - संभाग आयुक्त सागर संभाग होंगे। प्रमुख अभियंता जल संसाधन, भोपाल एवं मुख्य अभियंता धसान-केन कछार जल संसाधन, सागर को समिति का सदस्य बनाया गया है।

समिति आगामी 5 दिनों में प्रभावितों से विस्थापन, भू-अर्जन एवं परिसंपत्तियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों की जांच कर एवं विस्थापितों से चर्चा के उपरांत वस्तुस्थितिपरक प्रतिवेदन शासन को सौंपेगी। उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले में इस परियोजना का कार्य निर्माण के अंतिम चरण में है। वर्तमान में इसके नाला क्लोजर का कार्य किया जा रहा है, जिसे बारिश के पहले पूर्ण किया जाना है।

मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना: किसानों व अन्य ग्रामीणों को 1 अरब 91 करोड़ का मुआवजा बांटा

मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना के अंतर्गत भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियों के प्रभावित 8 गांव मझगांय, बालूपुर, बनहरीकला, कुंवरपुर, हनुमतपुर, बरियारपुर भूमियान, डुंगरहो एवं सब्दुआ हैं। इन प्रभावित गांवों के 21 मूल एवं पूरक अवार्ड पारित किए गए हैं, जिसमें 1657 खातेदार किसानों व अन्य ग्रामीणों को भुगतान योग्य कुल 1 अरब 91 करोड़ 86 लाख 80 हजार 929 रूपए की राशि स्वीकृत कर मुआवजा वितरित किया जा चुका है। मात्र विवादित खातेदारों की राशि वितरण हेतु शेष है।

इस परियोजना के तहत पुनर्वास एवं पुनर्व्यस्थापन अंतर्गत प्रभावित ग्राम मझगांय, बालूपुर, बनहरीकला, कुंवरपुर एवं हनुमतपुर हैं। उक्त प्रभावित ग्रामों के विस्थापन के लिए अपर सचिव जल संसाधन विभाग द्वारा निर्धारित 1 जुलाई 2018 कट ऑफ दिनांक से प्रारंभिक सूची अनुसार कुल 1935 परिवारों का चयन किया गया था। पात्र 660 परिवारों को एकमुश्त पुनर्वास अनुदान राशि 5 लाख प्रति परिवार के मान से 33 करोड़ रुपए स्वीकृत कर पूर्ण भुगतान किया जा चुका है। शेष परिवारों के पात्रता एवं अपात्रता की जांच एवं दस्तावेज एकत्रित किए जा रहे हैं।

रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना

इसी तरह रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना में भी पेंच है। परियोजना अंतर्गत भूमि एवं उस पर स्थित परिसंपत्तियों के प्रभावित ग्राम विश्रामगंज एवं भुजबई हैं। उक्त प्रभावित गांवों के मूल एवं पूरक अवार्ड पारित किए गए हैं, जिसमें कुल 710 खातेदारों को भुगतान योग्य 44 करोड़ 23 लाख 58 हजार 951 रूपए मात्र की राशि स्वीकृत की गई। 43 करोड़ 86 लाख 63 हजार 205 रूपए राशि का वितरण किया भी जा चुका है। 36 लाख 95 हजार 746 रूपए मात्र का भुगतान शेष है।

रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना अंतर्गत पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन के तहत प्रभावित ग्राम विश्रामगंज है। प्रभावित ग्राम के विस्थापन के लिए शासन द्वारा निर्धारित 5 अक्टूबर 2018 कट ऑफ दिनांक से प्रारंभिक सूची अनुसार 670 परिवारों का चयन किया गया। पात्र 670 परिवारों को एकमुश्त पुर्नवास अनुदान राशि 5 लाख प्रति परिवार के मान से 33 करोड़ 50 लाख रुपए राशि की स्वीकृति उपरांत पूर्ण भुगतान किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पन्ना जिले में निर्माणाधीन मझगांय एवं रुंज मध्यम सिंचाई परियोजना से प्रभावित होने वाले ग्रामीणजनों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। ये दोनों परियोजनाएं क्षेत्र के लिए वरदान साबित होंगी। इन परियोजनाओं के पूरा हो जाने पर पन्ना जिले के अजयगढ़ विकासखंड के 86 गांवों 27510 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही पेयजल एवं औद्योगिक प्रयोजन के लिए लगभग 39.56 मिलियन घन मीटर पानी प्राप्त होगा। इससे क्षेत्र के लगभग 45 हजार किसान परिवार लाभान्वित होंगे।