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MP News: पाइप में फंसा तेंदुआ, 8 घंटे के रेस्क्यू के बाद जंगल में छोड़ा गया

MP News: कुत्ते का पीछा करते-करते गांव में घुसा तेंदुआ, लोगों ने खदेड़ा तो पाइप में फंस गया था, वन विभाग ने किया रेस्क्यू, सुरक्षित जंगल में ले जाकर छोड़ा।

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panna

leopard stuck in pipe rescue operation 8 hours forest release

MP News: मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के दक्षिण वन क्षेत्र में एक रोमांचक और संवेदनशील घटनाक्रम सामने आया, जब रिहायशी इलाके में घुसे एक तेंदुए का करीब 8 घंटे की मशक्कत के बाद रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू के बाद टीम तेंदुए को पिंजरे में बंद कर अपने साथ ले गई और जंगल में ले जाकर सुरक्षित छोड़ दिया। इस घटना ने एक ओर जहां ग्रामीणों में दहशत पैदा की, वहीं दूसरी ओर वन विभाग की सतर्कता और सूझबूझ की सराहना भी हुई।

कुत्ते का पीछा करते गांव में घुसा तेंदुआ

घटना अमानगंज बफर क्षेत्र के समीप दक्षिण पन्ना वनमंडल की पवई रेंज अंतर्गत ग्राम हिनौती की है। सुबह ग्रामीणों ने गांव के पास एक तेंदुए को देखा, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि तेंदुआ एक आवारा कुत्ते का पीछा करते हुए रिहायशी क्षेत्र में आ गया था। ग्रामीणों ने शोर मचाकर उसे खदेड़ने की कोशिश की, इसी दौरान वह पास ही बने एक संकरे पाइप में जा घुसा और अंदर फंस गया। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए पाइप के दोनों सिरों को पत्थरों से बंद कर दिया, ताकि तेंदुआ बाहर न निकल सके और किसी को नुकसान न पहुंचे। इसके बाद तत्काल वन विभाग को सूचना दी गई।

पाइप में फंसे तेंदुए का रेस्क्यू

डीएफओ अनुपम शर्मा ने बताया, सूचना मिलते ही पन्ना टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम और दक्षिण पन्ना वनमंडल का अमला मौके पर पहुंचा। टीम ने बेहद सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। पाइप के एक सिरे पर ट्रैप केज लगाया गया, जबकि दूसरे सिरे को पूरी तरह बंद कर दिया गया। करीब 8 घंटे तक चले इस ऑपरेशन में तेंदुए को केज की ओर लाने के लिए पानी का प्रवाह, कांटेदार झाड़ियों और अन्य तकनीकों का इस्तेमाल किया गया। अंततः टायरों को आपस में बांधकर रस्सियों के माध्यम से पाइप के भीतर धीरे-धीरे आगे बढ़ाया गया, जिससे तेंदुआ नियंत्रित रूप से केज की दिशा में आया और सुरक्षित पकड़ में आ गया।

तेंदुए को सुरक्षित जंगल में छोड़ा

रेस्क्यू के बाद वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. संजीव गुप्ता की टीम ने तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसमें वह पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। इसके बाद उसे सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। इस पूरे अभियान में पवई रेंज ऑफिसर नितेश पटेल के नेतृत्व में वन अमले की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस बल ने भी मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया। यह सफल रेस्क्यू मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन और सतर्कता का एक उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है।