कांग्रेस ने जमीनी कार्यकर्ता शिवजीत सिंह को उतारा, जिले के तीनों विधानसभा में महामुकाबले तय, नामांकन की अंतिम तिथि आज
पन्ना। भारतीय जनता पार्टी ने जिले में बड़ा उलटफेर करते हुए मंत्री कुसुम सिंह महदेले का टिकट काटकर उनके स्थान पर पवई में पूर्व में घोषित प्रत्याशी बृजेंद्र प्रताप सिंह का विस क्षेत्र बदलकर उन्हें पन्ना से प्रत्याशी बना दिया। पवई में सपा प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर चुके प्रहलाद लोधी को पार्टी ने बड़े ही अप्रत्याशित रूप से भोपाल में पार्टी की सदस्यता दिलाई।
वहीं कुछ घंटे बाद आई सूची में उन्हें पवई से मुकेश नायक के खिलाफ उम्मीदवार घोषित कर दिया। जबकि कांग्रेस ने पन्ना विधानसभा से शिवजीत सिंह को प्रत्याशी बनाया है। शाम को कांग्रेस की टिकट घोषित होने के बाद भाजपा के इस अप्रत्याशित दावं ने जिले की राजनीति में उफान ला दिया। गुन्नौर में कांग्रेस के शिवदयाल बागरी और भाजपा के राजेश वर्मा मैदान में हैं। इस तरह जिले की तीनों सीटों पर महामुकाबले अब तय हो गए हैं।
पन्ना विधानसभा
- बृजेंद्र प्रताप सिंह, भाजपा
- एमए, एलएलबी
- प्रोफेशन : खेती
- अब तक: दो बार विधायक रहे। एक बार मंत्री
- पॉलिटिकल कनेक्शन : विरासत में मिली। पिता भाजपा के जिलाध्यक्ष रहे।
प्लस प्वाइंट:
1. अनुभवी चेहरा
2. समान्य वर्ग में पकड़
माइनस प्वाइंट:
1. विस क्षेत्र में बदलाव
2. जातीय समीकरण
- सोशल मीडिया
- ट्विटर अकाउंट है
- फेसबुक पर सक्रिय रहते हैं
मुकाबले का कखग
दोनों प्रत्याशियों के लिए यह सीट नई है। बृजेंद्र भले ही पवई से जीतकर प्रदेश सरकार में मंत्री रहे हों और मुकाबले में कांग्रेस का नया चेहरा शिवजीत हों पर नए
क्षेत्र में उनको भी खासी मशक्कत करनी होगी।
राजनीतिक पारी
वर्ष 2003 में अशोक वीर विक्रम सिंह को हराया। वर्ष 2008 के विस चुनाव में मुकेश नायक को हराया और मंत्री बने। वर्ष 2013 के मुकाबले में कांग्रेस के ही मुकेश नायक से हार गए थे। राजनीति विरासत में मिली।
पन्ना विधानसभा
शिवजीत सिंह, कांग्रेस
- शिक्षा: ग्रेजुएट
- प्रोफेशन : खेती
- अब तक: पहली बार विस चुनाव के मैदान में हैं।
- पॉलिटिकल कनेक्शन : राजनीति में यहां तक अपने दम पर पहुंचे।
प्लस प्वाइंट:
1. मिलनसार स्वभाव
2.क्षेत्र में पकड़
माइनस प्वाइंट:
1. पार्टीगत गुटबाजी
2. लचर संगठन
- सोशल मीडिया
- ट्विटर में सक्रिय नहीं हैं।
- फेसबुक पर लगातार सक्रिय
ये मुद्दे खास
हीरा नगरी को पहचान दिलाना। स्थानीय लोगों को रोजगार, पानी की कमी। धार्मिक नक्शे पर पन्ना को पहचान। स्वास्थ्य सुविधा और मेडिकल कॉलेज। शिक्षा का स्तर सुधारा जाए।
रेकॉर्ड
शिवजीत पहली बार विस चुनाव के मैदान में हैं। इससे पहले वे वर्ष 2008 व 2018 में भी दावेदारी की थी।