पन्ना

पन्ना में लोकायुक्त का छापा, जल संसाधन विभाग के लेखपाल और लिपिक रिश्वत लेते धराए

Lokayukta Raid : पन्ना के जल संसाधन विभाग में लोकायुक्त की छापेमारी। लेखपाल दीपक परिहार और लिपिक अरविंद पाठक कथित तौर पर रिश्वत लेते पकड़े गए।
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Updated: 28 Oct 2026, 3:48 PM IST
Lokayukta Raid
कार्रवाई में जुटी लोकायुक्त टीम (फोटो सोर्स: patriak)

Panna News:मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में सागर लोकायुक्त की टीम ने जल संसाधन विभाग के कार्यालय में छापेमार कार्रवाई करते हुए लेखपाल दीपक परिहार और लिपिक अरविंद पाठक को रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। इंद्रपुरी कॉलोनी स्थित जिला न्यायालय के सामने स्थित विभागीय कार्यालय में हुई इस कार्रवाई के दौरान लेखपाल दीपक परिहार के 15 हजार रुपए और लिपिक अरविंद पाठक के 30 हजार रुपए की रिश्वत लेने का मामला सामने आया है।

बताया जा रहा है कि, इस संबंध में गौरव तोमर ने लोकायुक्त से शिकायत की थी, शिकायतकर्ता गौरव तोमर लोक निर्माण विभाग भोपाल में पंजीकृत ठेकेदार हैं। उन्होंने जल संसाधन विभाग पन्ना की निविदा के माध्यम से मझगांय मध्यम परियोजना के अंतर्गत ग्राम मझगांय मजरा बालूपुर में सेडल बांध क्रमांक-1 पर नहर के स्लूस निर्माण का ठेका प्राप्त किया था। इस कार्य की प्राक्कलन राशि 118.58 लाख रुपए थी, जबकि ठेकेदार को यह काम 36.88 प्रतिशत कम दर पर 74.84 लाख रुपए में मिला था।

नहर निर्माण के नाम पर फरियादी से मांगी गई थी 45 हजार की रिश्वत

रिश्वतखोर लेखपाल दीपक परिहार और लिपिक अरविंद पाठक (फोटो सोर्स: patriak)

ठेकेदार ने काम शुरू करने के बाद विभाग से तीन बार भुगतान प्राप्त किया था। इन भुगतानों की कुल राशि करीब 55 लाख रुपए बताई गई है, जबकि किए गए शेष कार्य का लगभग 25 लाख रुपए का अंतिम भुगतान मिलना बाकी था। शिकायत के मुताबिक, संभागीय लेखा अधिकारी दीपक सिंह परमार द्वारा भुगतान की राशि में प्रत्येक रुपए पर 35 पैसे और सहायक ग्रेड-2 अरविंद कुमार पाठक द्वारा 70 पैसे के हिसाब से कमीशन मांगा जा रहा था। इस तरह कुल 1.05 रुपए प्रति सौ रुपए के बजाय प्रति रुपए की दर से कथित मांग के आधार पर करीब 60 हजार रुपए की रिश्वत मांगे जाने की शिकायत लोकायुक्त कार्यालय सागर में की गई थी।

रिश्वत की राशि बरामद

लोकायुक्त की छापामार टीम ने बताया कि, फरियादी गौरव तोमर ने इस मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। नहर निर्माण कार्य के बदले दोनों कर्मचारियों द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी। सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया और दबिश दी। कार्रवाई के दौरान लेखपाल दीपक परिहार को 15 हजार रुपए और लिपिक अरविंद पाठक को 30 हजार रुपए की रिश्वत राशि लेते हुए मौके पर ही पकड़ लिया गया। दोनों के पास से कुल 45 हजार रुपए की राशि बरामद कर ली गई है।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई

महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश पर तथा उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। दल का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक कमल सिंह उइके और निरीक्षक रोशनी जैन ने किया। लोकायुक्त पुलिस सागर का दल आगे की वैधानिक कार्रवाई में जुटा है। लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर 8435794333 जारी किया है।

Updated on:
28 Oct 2026, 3:48 PM IST
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