
devendranagar train launch bundeli folk songs cultural heritage, ट्रेन में सफर के दौरान बुंदेलखंडी लोकगीत गाते बच्चे व सांसद (Source-Patrika)
Devendranagar Train Launch: मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के रेल विकास के इतिहास में 24 अक्टूबर का दिन महत्वपूर्ण पड़ाव बन गया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई रेल लाइन पर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ट्रेन जब पहले सफर पर निकली तो लोगों की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा, आम और खास दोनों के चेहरों पर साफ खुशी नजर आई। खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा (वीडी शर्मा), गुनौर विधायक राजेश वर्मा, सहित भाजपा नेता व कार्यकर्ता ट्रेन में सफर कर नागौद से देवेन्द्रनगर तक पहुंचे लेकिन इस सफर का खास आकर्षण बच्चों की टोली रही।
बच्चे ढपली बजाते हुए ‘आ रा, आ रा, बाजा बाज रहा धूमर में’ गीत गाते हुए देवेंद्रनगर तक पहुंचे। उनके साथ मौजूद जनप्रतिनिधियों ने भी गीत गाकर माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। रेल यात्रा के दौरान गीत-संगीत और उमंग ने इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बना दिया। सांसद-विधायक बच्चों के सुरों में सुर मिलाते रहे और ताली बजाकर उनका उत्साह बढ़ाते रहे। जैसे ही ट्रेन देवेन्द्रनगर स्टेशन पर पहुंची तो वहां जोरदार स्वागत किया गया।
सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने कहा कि बुंदेलखंड को रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिली है। यह महज एक ट्रेन नहीं, बल्कि बुंदेलखंड के लिए दिवाली का गिफ्ट है। यही कारण है कि नई ट्रेन सेवा की शुरुआत पर लोग उत्सव मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। साथ ही, व्यापार, पर्यटन और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। नई रेल सेवा बुंदेलखंड के विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। विष्णु दत्त शर्मा ने इस सौगात के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया।
ललितपुर–सिंगरौली नई रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत विकसित सतना–देवेंद्रनगर रेलखंड से यात्रियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को लाभ मिलने की संभावना है। अब तक बेहतर रेल संपर्क की प्रतीक्षा कर रहे क्षेत्र के लोगों को आवागमन का नया साधन मिलेगा। रेल सुविधा से यात्रा की योजना बनाना आसान हो सकता है और आसपास के शहरों से संपर्क बढ़ने पर शिक्षा, कारोबार तथा रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।
Updated on:
24 Oct 2026, 7:54 PM IST
Published on:
24 Oct 2026, 7:53 PM IST
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