
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन का दृष्य (फोटो सोर्स: Patrika File)
Panna News : मध्य प्रदेश के पन्ना में मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान देवेंद्रनगर बांध में हुए दर्दनाक हादसे ने उत्सव की खुशियों को मातम में बदल दिया है। मां जगत-जननी की प्रतिमा विसर्जित करने पहुंचे 5 युवक अचानक संतुलन बिगड़ने से गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। मौके पर मौजूद लोगों ने 3 युवकों को किसी तरह बचा लिया, जबकि, 2 लोगों की मौत हो गई है। घटना शाम 5:20 बजे की बताई जा रही है।
इस दर्दनाक हादसे में 25 वर्षीय कृष्णा सोनी और आयुष अग्रवाल की जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे में 23 वर्षीय हरिआम द्विवेदी, 20 वर्षीय साहिल तिवारी समेत एक अन्य युवक की हालत नाजुक बताई जा रही है। गंभीर घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। खुशी के माहौल के बीच घटना के बाद इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि, मां ज्वालामुखी क्लब द्वारा सलेहा मार्ग पर मां जगत-जननी की प्रतिमा स्थापित की गई थी। नवरात्रि उत्सव के समापन के बाद प्रतिमा विसर्जन के लिए युवकों का समूह देवेंद्रनगर बांध पहुंचा। पांच युवक प्रतिमा को अपने कंधों पर लेकर विसर्जन के लिए पानी में उतरे। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और सभी गहरे पानी में जा पहुंचे। देखते ही देखते पांचों युवक डूबने लगे। ये दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। युवकों को बचाने के लिए तत्काल प्रयास शुरू किए गए।
हादसे के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए बांध में गौता लगाकर 3 युवकों को तो पानी से बाहर निकाल लिया। हालांकि, कृष्णा सोनी पिता दीपचंद सोनी, उम्र 25 वर्ष, निवासी सलेहा मार्ग और आयुष अग्रवाल पिता शेष अग्रवाल, निवासी सलेहा मार्ग की डूबने से मौत हो गई। वहीं, हरिआम द्विवेदी पिता कृष्ण कुमार द्विवेदी, उम्र 23 वर्ष और साहिल तिवारी पिता विनोद तिवारी, उम्र 20 वर्ष समेत एक अन्य युवक की हालत नाजुक बताई जा रही है। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया। हादसे की खबर मिलते ही परिजन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
दर्दनाक हादसे के बाद विसर्जन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। आरोप है कि, बांध पर प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे और पुलिस पंडाल लगाकर बैठी थी। गहरे पानी में उतरने वाले श्रद्धालुओं की निगरानी, खतरनाक हिस्सों की पहचान और तत्काल बचाव के लिए जरूरी व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस संबंध में पत्रिका द्वारा थाना प्रभारी संतोष यादव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, पर बात नहीं हो सकी।
नवरात्रि के समापन पर मां दुर्गा को विदाई देने पहुंचे श्रद्धालुओं ने शायद कल्पना भी नहीं की होगी कि, ये दिन दो परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला दुख लेकर आएगा। प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए हादसे ने धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को फिर उजागर कर दिया है। दो युवकों की मौत से उनके परिवारों में मातम पसरा है, जबकि घायल युवकों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी हुई है। हादसा एक बार फिर संदेश दे गया कि, आस्था और उत्साह के साथ प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन और पर्याप्त बचाव व्यवस्था भी बेहद जरूरी है।
Updated on:
21 Oct 2026 06:57 pm
Published on:
21 Oct 2026 06:06 pm
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