फ्रेंच टीम बच्चों पर बना रही फिल्म
पन्ना. जिले का छोटा सा गांव जनवार सामाजिक बदलाव के परिदृष्य को लेकर दुनिया में मिसाल बनता जा रहा है। स्केटबोर्डिंग से गांव में आए सामाजिक बदलाव को लेकर दुनियाभर के लोग कई लघु फिल्में बना चके हैं। फिलहाल यहां एक फे्रंच दल रुका हुआ है। यह दल जनवार के बच्चों का फिल्म बना रहा है। यहां फिल्म की शूटिंग का काम बीते कुछ दिनों से चल रहा है।
फिल्म में बच्चों की हुई शूटिंग
जनवार में बदलाव की कहानी करीब चार साल पूर्व उस समय शुरू हुई जब जर्मन महिला उलरिके रेनहार्ट ने कुछ स्थानीय लोगों के सहयोग से यहां एक स्केटबोर्ड पार्क की स्थापना की थी। अब यहां तीन स्केट बोर्ड पार्क बन चुके हैं। यह फिल्म जनवार की बेटी आशा सहित अन्य बच्चों पर आधारित है। फ्रेंच टीम द्वारा जनवार में स्केट पार्क में शूटिंग करने के बाद पन्ना मार्केट में भी बच्चों के साथ शूटिंग की। शूटिंग को लेकर बच्चे खासे उत्साहित हैं और ठंड में भी दिनभर पसीना बहा रहे हैं। आशा ने बताया कि यह शूटिंग आगामी ३-४ दिन और चलेगी।
चीन में भी कर चुके हैं प्रदर्शन
आशा और अरुण बीते साल ओलंपिक क्वालीफाइंग के लिए चीन के नानजिंग शहर में आयोजित ओपेन आयु वर्ग में प्रदर्शन कर चुके हैं। जहां उन्हें अपने से बड़े व प्रैक्टिस करने वाले लोगों के साथ प्रदर्शन करना पड़ा था। विशाखापट्टनम में बीते महीनों हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में दो गोल्ड सहित जनवार के आधा दर्जन बच्चों ने मेडल जीते थे। कुछ दिनों पूर्व ही जनवार पर ही करीब साढ़े १२ मिनट की फिल्म अंग्रेजी में रिलीज हुई थी। जिसमें जनवार के बदलाव की कहानी को बाखूबी उकेरा गया था। उसमें बच्चों और उलरिके के संघर्ष को भी दिखाया गया था।