पटना

केंद्र में मंत्री बनने की चाह में एमएलए सीट छोड़ लोकसभा चुनाव लड़ने को उतावले हो रहे बिहार के ये भाजपा नेता

गिरिराज सिंह तथा भागलपुर से विधायक चुने जाते रहे अश्विनी कुमार चौबे ऐसी इच्छा रखने वाले नेताओं के आदर्श बने हैं...
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Sep 04, 2018
डॉ प्रेम कुमार
डॉ प्रेम कुमार

(पत्रिका ब्यूरो,पटना): भाजपा के वरिष्ठ नेता और गया क्षेत्र से छठी बार विधायक चुनकर नीतीश सरकार के कृषि मंत्री बने डॉ प्रेम कुमार इस बार लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। उन्होंने अपनी इच्छा पार्टी नेतृत्व के समक्ष रख दी है।

डॉ प्रेम कुमार ने 'पत्रिका' से कहा कि मैं 48 सालों से राजनीति में हूं। पिछले चालीस वर्षों से चुनावी राजनीति में हूं। मुझे आम लोग बेहतर ढंग से जानते समझते हैं। लगातार मैंने जनता का विश्वास जीतने में सफलता पाई है। माना जा रहा है कि प्रेम कुमार गया संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने की इच्छा रखते हैं, लेकिन यह सीट अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित है। ऐसे में मगध प्रमंडल की किसी दूसरी संसदीय सीट से वह चुनाव लड़ने की पेशकश कर सकते हैं। इस बाबत उन्होंने कहा कि वह किसी भी सीट से चुनाव लड़ने को राजी हैं।


प्रेम कुमार के अतिरिक्त पार्टी के कई दूसरे विधायक और मंत्री भी चुनाव लड़ने की दौड़ में शामिल होना चाहते हैं। विधान पार्षद और सूबे के मंत्री रहे गिरिराज सिंह तथा भागलपुर से विधायक चुने जाते रहे अश्विनी कुमार चौबे ऐसी इच्छा रखने वाले नेताओं के आदर्श बने हैं, जिन्होंने जीतने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में अपनी जगह बनाई।


गहराता जा रहा कुशवाहा और नीतीश के बीच विवाद

इधर बिहार में सीट शेयरिंग को लेकर एनडीए के सहयोगी दलों में खींचतान जारी है। केंद्रीय मंत्री और रालोसपा नेता उपेंद्र कुशवाहा लंबे समय से सीट शेयरिंग की बात सुलझाने की बात कहते आए है। पर इन दिनों कुशवाहा सूबे के सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ मुखर होते नजर आए है। कुशवाहा कानून व्यवस्था व अन्य मुद्यों को लेकर सीएम पर निशाना साध चुके है। कुशवाहा की इन सब बातों से जदयू नेता असहज हो गए है और भाजपा पर रालोसपा नेता से रिश्ते तोडने पर दबाव बना रहे है। पर भाजपा इन दोनों की झगडे से दूरी बनाते नजर आ रही है।

Published on:
04 Sept 2018 06:36 pm