जदयू ने आनंद मोहन के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि उनकी जेल से रिहाई नीतीश कुमार के प्रयासों का परिणाम है, वरना वे संभवतः लंबे समय तक जेल में रहते। पार्टी प्रवक्ता ने आगे कहा कि जदयू ने उनके परिवार को राजनीतिक सम्मान दिया है, इसके बावजूद वे पार्टी पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे।
बाहुबली पूर्व सांसद आनंद मोहन के बयान पर जेडीयू ने पलटवार करते हुए कहा है कि वे आज जेल से बाहर हैं, यह नीतीश कुमार के प्रयासों का परिणाम है, अन्यथा वे संभवतः जीवनभर जेल से बाहर नहीं आ पाते। पार्टी ने आगे कहा कि आनंद मोहन फिलहाल जेडीयू के सदस्य नहीं हैं, हालांकि उनकी पत्नी लवली आनंद और बेटा चेतन आनंद पार्टी से जुड़े हुए हैं। जेडीयू ने कहा कि आनंद मोहन को इस बात के लिए कृतज्ञ होना चाहिए, क्योंकि पार्टी ने उनके परिवार को राजनीतिक सम्मान दिया है। लेकिन इसके बावजूद वे पार्टी को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं, जो सफल नहीं होगा।
दरअसल, यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब पूर्व सांसद आनंद मोहन ने जेडीयू की कार्यशैली और उसके शीर्ष नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि कुछ स्वार्थी नेताओं ने नीतीश कुमार को राजनीतिक रूप से जिंदा दफन कर दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने जेडीयू में मंत्रियों की नियुक्ति की प्रक्रिया पर भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। आनंद मोहन ने दावा किया था कि जेडीयू में जो लोग 'बड़ी थैली' (मोटा पैसा) लेकर जाते हैं, उन्हें ही मंत्री या बड़ा पद दिया जाता है। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह के बेटे को टिकट न मिलने का उदाहरण देते हुए पार्टी पर पैसे वालों को तवज्जो देने की बात कही थी।